Newzfatafatlogo

हरियाणा में EWS आय सीमा बढ़ी, 8 लाख रुपये तक पहुंची

हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए वार्षिक आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है। यह नया नियम सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पर लागू होगा, जिससे लाखों परिवारों को लाभ होगा। अब 8 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवार भी 10 प्रतिशत आरक्षण के हकदार होंगे। यह कदम केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप है और इससे युवाओं के भविष्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जानें इस निर्णय के पीछे की वजह और इसके संभावित लाभ।
 | 
हरियाणा में EWS आय सीमा बढ़ी, 8 लाख रुपये तक पहुंची

हरियाणा सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए वार्षिक आय सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने का निर्णय लिया है। यह नया नियम सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पर लागू होगा।


आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलेगा लाभ

हरियाणा के सामान्य वर्ग के कई परिवारों के लिए यह निर्णय एक बड़ी राहत लेकर आया है। अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के तहत आरक्षण का लाभ लेने के लिए आय सीमा को बढ़ा दिया गया है। राज्य सरकार ने पारिवारिक वार्षिक आय की सीमा को 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दिया है।


आरक्षण का लाभ अब अधिक परिवारों को

इस बदलाव के बाद, वे परिवार भी 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए पात्र होंगे जिनकी वार्षिक आय 8 लाख रुपये तक है। मुख्य सचिव कार्यालय ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।


युवाओं के भविष्य पर सकारात्मक प्रभाव

नौकरियों और पढ़ाई में मिलेगा सीधा फायदा


सरकार के इस निर्णय का सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ेगा। पहले केवल 6 लाख रुपये तक की आय वाले परिवार ही ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते थे। अब आय सीमा बढ़ने से मध्यम वर्गीय परिवार भी इस दायरे में आ जाएंगे। संशोधित नियम राज्य में सिविल पदों और सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती पर लागू होंगे। इसके साथ ही सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और कॉलेजों में प्रवेश के दौरान भी बढ़ी हुई आय सीमा मान्य होगी।


केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप

केंद्र सरकार की तर्ज पर हुआ फैसला


केंद्र सरकार ने 2022 में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए आय सीमा को 8 लाख रुपये कर दिया था। हालांकि, हरियाणा में यह सीमा 2019 से 6 लाख रुपये पर स्थिर थी। लंबे समय से मांग की जा रही थी कि राज्य में भी केंद्र के नियम लागू किए जाएं। अब लगभग डेढ़ साल की देरी के बाद हरियाणा सरकार ने यह कदम उठाया है जिससे नियमों में एकरूपता आएगी।


ईडब्ल्यूएस और पिछड़ा वर्ग की आय सीमा समान

पिछड़ा वर्ग के बराबर हुआ ईडब्ल्यूएस


जुलाई 2024 में हरियाणा सरकार ने पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की क्रीमी लेयर की आय सीमा को 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया था। नियमों के अनुसार ईडब्ल्यूएस और क्रीमी लेयर की आय सीमा समान होनी चाहिए। इसी विसंगति को दूर करते हुए अब सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए भी लिमिट 8 लाख कर दी गई है।


विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों की राय


परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला का कहना है कि इस बदलाव से ग्रुप ए से लेकर ग्रुप डी तक की सभी नौकरियों में प्रतिस्पर्धा और अवसर बढ़ेंगे। 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ अब एक बड़े वर्ग को मिल सकेगा। इसके अलावा, सरकार द्वारा ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत आवंटित किए जाने वाले मकानों और प्लॉट्स के लिए भी अब अधिक लोग आवेदन कर सकेंगे।


प्रश्नोत्तर

FAQ's


प्रश्न: हरियाणा में अब EWS के लिए आय सीमा कितनी है?


उत्तर: हरियाणा सरकार ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा को बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दिया है।


प्रश्न: यह बढ़ा हुआ आरक्षण कहां लागू होगा?


उत्तर: यह नई सीमा राज्य सरकार की सिविल नौकरियों, सीधी भर्तियों और सरकारी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए लागू होगी।


प्रश्न: क्या यह फैसला केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार है?


उत्तर: हां, केंद्र सरकार ने 2022 में ही सीमा 8 लाख कर दी थी, अब हरियाणा सरकार ने भी अपने नियमों को केंद्र के अनुरूप संशोधित किया है।


प्रश्न: इससे पहले आय सीमा कब निर्धारित की गई थी?


उत्तर: इससे पहले 25 फरवरी 2019 को जारी आदेशों के तहत आय सीमा 6 लाख रुपये निर्धारित की गई थी।


आरक्षण का लाभ कैसे मिलेगा

किन शर्तों पर मिलेगा लाभ


नई अधिसूचना के अनुसार आरक्षण का दावा करने के लिए परिवार की सभी स्रोतों से कुल आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इसमें वेतन, कृषि, व्यवसाय और पेशे से होने वाली आय शामिल है। 25 फरवरी 2019 को जारी पुराने आदेशों में अब संशोधन कर दिया गया है।