हरियाणा में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार: 11 नए शहरों में शुरू होगी सेवा
हरियाणा सरकार की नई पहल
चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुगम और प्रदूषण रहित बनाने के लिए अपनी योजनाओं को तेज कर दिया है। बजट 2026-27 की घोषणाओं को लागू करते हुए, राज्य ने 11 नए शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य हर जिले के मुख्यालय पर सस्ती और आधुनिक बस सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे यात्रियों को ऑटो और निजी वाहनों के महंगे किराए से राहत मिलेगी, साथ ही शहरों में वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
कहाँ शुरू होगा परिचालन
इन शहरों में शुरू होगा परिचालन
परिवहन विभाग के अनुसार, इस योजना में भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, झज्जर और जींद जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। इसके अलावा, कैथल, महेन्द्रगढ़, नूहं, सिरसा, पलवल और हांसी के निवासियों को भी इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा मिलेगी। प्रारंभिक चरण में, प्रत्येक शहर में 10-10 बसें शामिल की जाएंगी। बसों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सभी संबंधित शहरों के बस अड्डों पर 2-2 इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, ताकि बसों को चार्ज करने में कोई समस्या न आए।
सफर की लागत में कमी और प्रदूषण में कमी
सस्ता सफर और कम होगा प्रदूषण
इस योजना के कार्यान्वयन से आम जनता की दैनिक जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वर्तमान में, जिला मुख्यालयों के भीतर यात्रा के लिए लोग निजी वाहनों या महंगे ऑटो पर निर्भर होते हैं। सरकारी इलेक्ट्रिक बसों के आने से यात्रियों को आरामदायक और समय पर यात्रा का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा, पुरानी धुआं छोड़ने वाली बसों के स्थान पर ये नई गाड़ियां पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। विभाग का मानना है कि अगले 4 महीनों में यह सेवा सड़कों पर दिखाई देने लगेगी, जिसके लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा रही है।
स्थानीय रोजगार के अवसर
स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
यह परियोजना केवल परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। बसों के संचालन, रखरखाव और चार्जिंग स्टेशनों के प्रबंधन के लिए तकनीकी स्टाफ और चालकों की आवश्यकता होगी। सरकार का उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता को कम करना है ताकि सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान किया जा सके। भविष्य में, इस योजना का विस्तार छोटे कस्बों तक करने की योजना है, जिससे पूरे प्रदेश का हर कोना आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जुड़ सकेगा।
