हरियाणा में खुले में कूड़ा फेंकने पर सख्त कार्रवाई का आदेश
हरियाणा में कचरा प्रबंधन के नए नियम
रोहतक . चंडीगढ़ से हरियाणा के विभिन्न शहरों और गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। रोहतक, पानीपत और फरीदाबाद जैसे शहरों में खुले में कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान लागू किया है।
इस निर्णय का सीधा प्रभाव उन सभी नागरिकों और दुकानदारों पर पड़ेगा, जो अपनी गलियों, सड़कों या नालियों में बेधड़क कूड़ा फेंकते हैं। अब ऐसा करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है और आपको कानूनी पचड़े में डाल सकता है।
सड़क पर कचरा फेंकने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना
सड़क पर कचरा फेंका तो लगेगा 10 हजार तक जुर्माना
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने 'सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016' को पूरे राज्य में सख्ती से लागू कर दिया है। इस नियम के तहत सड़कों, जल स्रोतों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति पहली बार खुले में कूड़ा फेंकते हुए पकड़ा जाता है, तो उससे 5 हजार रुपये का जुर्माना लिया जाएगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर यह राशि बढ़कर 10 हजार रुपये हो जाएगी। लगातार नियम तोड़ने वालों की संपत्ति सील करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
बड़े संस्थानों पर 50 हजार रुपये की पेनल्टी
बड़े संस्थानों पर 50 हजार की पेनल्टी
घरों के अलावा बड़े संस्थानों के लिए भी नियम सख्त कर दिए गए हैं। जो संस्थान रोजाना 50 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करते हैं, उन्हें 'बल्क वेस्ट जनरेटर' की श्रेणी में रखा गया है।
ऐसे संस्थानों के लिए पहली बार नियम तोड़ने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि दोबारा उल्लंघन किया गया, तो यह पेनल्टी सीधे 50 हजार रुपये तक पहुंच जाएगी। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदूषण फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।
कचरे का पृथक्करण अनिवार्य
कचरे को तीन हिस्सों में बांटना हुआ जरूरी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) के अनुसार, अब हर कचरा उत्पादक को अपने कचरे का पृथक्करण करना अनिवार्य होगा। चाहे घर हो या दुकान, कचरे को जैविक, अजैविक और घरेलू खतरनाक कचरे के रूप में अलग-अलग डिब्बों में रखना होगा।
इस नई व्यवस्था से कचरा निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी आएगी और पर्यावरण को हो रहे नुकसान पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की टीमें जल्द ही इन कड़े नियमों की जमीनी स्तर पर जांच शुरू करेंगी।
