हरियाणा में गर्मी का प्रकोप: तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा
गर्मी का असर
हिसार, 17 अप्रैल। हरियाणा में अप्रैल के मध्य में ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है, जबकि महेंद्रगढ़ के नारनौल में यह 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तेज धूप और लू जैसे हालात बन रहे हैं, जिससे आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि दोपहर के समय बिना आवश्यकता घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को धूप में जाने से बचने की सलाह दी गई है। बाहर जाते समय शरीर को ढककर रखना और पानी साथ रखना आवश्यक है।
आंधी-बारिश का येलो अलर्ट
10 जिलों में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट
भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। आज पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हरियाणा के 10 जिलों में धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, झज्जर और महेंद्रगढ़ में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यह बदलाव एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है।
रात के तापमान में वृद्धि
रात के तापमान में भी भारी उछाल
दिन की गर्मी के साथ-साथ अब हरियाणा में रातें भी परेशान करने लगी हैं। न्यूनतम तापमान में वृद्धि से उमस बढ़ गई है। नारनौल और चरखी दादरी में न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि रात के तापमान में यह वृद्धि आने वाले दिनों में गर्मी की गंभीरता को और बढ़ाएगी। लोगों को सलाह दी गई है कि वे रात के समय भी पर्याप्त वेंटिलेशन और जल का सेवन सुनिश्चित करें।
गर्मी का असली प्रकोप
19 अप्रैल से शुरू होगा असली टॉर्चर
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में आंधी और बूंदाबांदी का यह दौर केवल अस्थाई राहत है। 19 अप्रैल के बाद जैसे ही बादल छंटेंगे, तापमान में एक बार फिर बड़ा उछाल आएगा। इसके बाद प्रदेश के कई हिस्सों में लू का कहर शुरू हो जाएगा। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह में गर्मी के पिछले कई रिकॉर्ड टूट सकते हैं।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानियाँ
दोपहर में बाहर निकलने से बचें
लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सख्त सलाह दी गई है। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो शरीर को पूरी तरह ढककर निकलें और साथ में पानी की बोतल जरूर रखें। निर्जलीकरण से बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना इस समय सबसे महत्वपूर्ण है।
