हरियाणा में ग्रुप-D भर्ती के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू
हरियाणा में भर्ती प्रक्रिया का नया कदम
चंडीगढ़ . हरियाणा सरकार ने ग्रुप-D भर्ती के तहत चयनित अभ्यर्थियों की प्रमाणिकता की जांच के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मानव संसाधन विभाग ने विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत 13,246 उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराने का आदेश जारी किया है। यह कदम फर्जीवाड़े की संभावनाओं को समाप्त करने और केवल योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों और उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि इस 9 दिवसीय अभियान के दौरान संसाधनों की कोई कमी न हो।
मिसमैच मामलों पर होगी कार्रवाई
मिसमैच मामलों पर होगी कार्रवाई
सरकार द्वारा जारी विस्तृत कार्यक्रम के अनुसार, बायोमेट्रिक मिलान की प्रक्रिया 20 अप्रैल को अंबाला डिवीजन से शुरू होगी। इसके बाद करनाल, रोहतक, हिसार, फरीदाबाद और गुरुग्राम में निर्धारित तिथियों पर वेरिफिकेशन डेस्क स्थापित किए जाएंगे। मुख्य सचिव के आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि हर दिन उपस्थित और अनुपस्थित अभ्यर्थियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश 'मैच' और 'मिसमैच' डेटा के संबंध में है। यदि किसी अभ्यर्थी के अंगूठे के निशान या बायोमेट्रिक डेटा पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते हैं, तो उनका अलग से रिकॉर्ड तैयार कर गहन जांच की जाएगी, जिससे भविष्य में कानूनी कार्रवाई का आधार तैयार हो सके।
30 अप्रैल तक पूरा होगा लक्ष्य
30 अप्रैल तक पूरा होगा लक्ष्य
प्रशासनिक मशीनरी को इस कार्य के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है। रोहतक और हिसार जैसे बड़े डिवीजनों के लिए दो-दो दिन का समय आवंटित किया गया है, जबकि अन्य डिवीजनों में एक-एक दिन में प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अभियान का समापन 30 अप्रैल को पंचकूला और चंडीगढ़ मुख्यालय में अटैच कर्मचारियों के वेरिफिकेशन के साथ होगा। नोडल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि बायोमेट्रिक उपकरणों की तकनीकी शुद्धता और स्टाफ की तैनाती सही हो। इस प्रक्रिया से उन वास्तविक अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जो ईमानदारी से चयनित हुए हैं, जबकि गड़बड़ी करने वालों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।
