हरियाणा में छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति सुविधा की शुरुआत
हरियाणा सरकार की नई पहल
चंडीगढ़ . हरियाणा सरकार ने प्रदेश के स्कूली छात्रों को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए 'हर छात्रवृत्ति पोर्टल' की नई सुविधा शुरू की है। अब 1.80 लाख से 8 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवार भी अपने बच्चों की छात्रवृत्ति के लिए आसानी से आवेदन कर सकेंगे। परिवार पहचान पत्र (PPP) के आधार पर जारी किया गया नया आय प्रमाण पत्र सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए मान्य होगा।
छात्रवृत्ति का लाभ
इस नई प्रणाली के लागू होने से उन परिवारों के बच्चे भी छात्रवृत्ति का लाभ उठा सकेंगे, जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख से 8 लाख रुपये के बीच है। इससे प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए उच्च और बेहतर शिक्षा के अवसर खुल गए हैं।
आय सीमा में बदलाव
2.5 लाख से अधिक आय वालों को मिली राहत
परिवार पहचान पत्र (PPP) के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने इस योजना का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में कई ऐसे परिवार थे जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से थोड़ी अधिक होने पर उनके बच्चों को छात्रवृत्ति योजनाओं से बाहर कर दिया जाता था। इस पुराने नियम के कारण हजारों प्रतिभाशाली छात्रों को आर्थिक सहायता से वंचित रहना पड़ता था। अब सरकार ने इस समस्या को हल करते हुए आय सीमा को बढ़ाकर आम जनता को राहत दी है।
नया आय प्रमाण पत्र कैसे प्राप्त करें
ऐसे बनेगा नया और मान्य आय प्रमाण पत्र
डॉ. सतीश खोला के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत जब 8 लाख रुपये तक की आय वाले परिवार ऑनलाइन आवेदन करेंगे, तो उनके बच्चों के लिए एक नया और मान्य आय प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। सबसे बड़ी राहत यह है कि इस सर्टिफिकेट में वार्षिक आय सीमा 2.5 लाख रुपये ही दिखाई जाएगी। यह नया आय प्रमाण पत्र राज्य और केंद्र की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए वैध होगा।
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर मान्यता
नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर भी मिलेगी मान्यता
वर्तमान में सरल हरियाणा पोर्टल पर आय श्रेणी के तहत जो प्रमाण पत्र जारी हो रहे हैं, वे सभी स्कॉलरशिप के लिए मान्य माने जा रहे हैं। अभी तक NSP के आवेदन के लिए अलग से कोई श्रेणी नहीं बनाई गई थी।
इसलिए सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 'हर छात्रवृत्ति' श्रेणी के तहत जारी आय प्रमाण पत्र NSP पर भी मान्य होगा। इस निर्णय से प्रदेश के हजारों छात्रों के बैंक खातों में सीधी आर्थिक सहायता पहुंचेगी, जो केवल कुछ हजार रुपये की अधिक आय के कारण सरकारी लाभ से वंचित रह गए थे।
