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हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव: आंधी और बारिश का अलर्ट

हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव देखने को मिल रहा है, जिससे गर्मी से राहत मिली है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से चिंताएं बढ़ गई हैं। IMD ने 6 जिलों में आंधी का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। तापमान में गिरावट आई है, लेकिन 15 मई से फिर से गर्मी बढ़ने की संभावना है। जानें मौसम की पूरी जानकारी और सावधानियों के बारे में।
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हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव: आंधी और बारिश का अलर्ट

हरियाणा में मौसम का बदलाव

चंडीगढ़, 12 मई। हरियाणा के मौसम पर पश्चिमी विक्षोभ का गहरा असर देखने को मिल रहा है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से चिंताएं बढ़ गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के 6 दक्षिणी और मध्य जिलों में तीव्र आंधी के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक, रेवाड़ी, पलवल और नूंह में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और तेज बारिश की संभावना जताई गई है।


तापमान में गिरावट, रोहतक सबसे गर्म

रविवार रात से शुरू हुई मौसमी हलचल के कारण राज्य का अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। वर्तमान में प्रदेश का औसत तापमान 37 से 38 डिग्री के बीच है। पिछले 24 घंटों में रोहतक में सबसे अधिक 38 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि हिसार और महेंद्रगढ़ में यह 37 डिग्री के आसपास रहा। हालांकि न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़त देखी गई है, लेकिन ठंडी हवाओं ने उमस और गर्मी से राहत दिलाई है।


13 मई तक सावधानी बरतें

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 13 मई तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान पूरे प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने किसानों और आम जनता को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। विशेषकर खेतों में काम कर रहे किसान मौसम का ध्यान रखते हुए सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़ें।


15 मई से फिर बढ़ेगी गर्मी

हालांकि राहत का यह दौर लंबे समय तक नहीं रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 मई से जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होगा, आसमान साफ होने लगेगा। इसके बाद सूरज की सीधी किरणें और पछुआ हवाएं तापमान को फिर से 42-45 डिग्री के पार ले जा सकती हैं। 15 मई के बाद प्रदेशवासियों को एक बार फिर भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, जो जनजीवन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।