हरियाणा में बिजली बिलों पर जुर्माना: उपभोक्ताओं को मिलेगा मुआवजा
हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन का निर्णय
हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है, जो औसत आधार पर बिल भेजते थे और अचानक लाखों रुपये की मांग करते थे। उपभोक्ताओं को हर गलत बिल के लिए 500 रुपये का मुआवजा मिलेगा।
बहादुरगढ़ का मामला: 2.38 लाख का झटका
बहादुरगढ़: यहां एक उपभोक्ता को बिजली विभाग की लापरवाही का सामना करना पड़ा। कमीशन की जांच में पाया गया कि उपभोक्ता को लंबे समय तक सही बिल नहीं भेजा गया, और विभाग ने उसे एक बार में 2 लाख 38 हजार रुपये का भारी बिल थमा दिया। जब उपभोक्ता ने शिकायत की, तो उसकी सुनवाई नहीं हुई। कमीशन ने इसे गंभीर लापरवाही माना।
अधिकारियों पर कार्रवाई
कमीशन ने इस मामले में सख्त कदम उठाए हैं।
- जुर्माना: दो कमर्शियल असिस्टेंट पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
- मुआवजा: इन दोनों कर्मचारियों को उपभोक्ता को 1000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।
- एसडीओ पर गाज: बिल को मंजूरी देने वाले एसडीओ की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया गया है और उनके रिकॉर्ड में लापरवाही दर्ज करने का निर्देश दिया गया है。
हर गलत बिल पर 500 रुपये का मुआवजा
कमीशन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जुलाई 2022 से अब तक जारी सभी गलत बिलों के लिए उपभोक्ताओं को 500 रुपये प्रति बिल मुआवजा दिया जाएगा। इसका मतलब है कि विभाग को अपनी गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
हिसार में भी लापरवाही
हिसार में भी एक उपभोक्ता के दो बिजली खातों में औसत आधार पर बिल भेजे गए। जहां उपभोक्ता की सामान्य खपत 160 यूनिट थी, वहीं विभाग ने एक खाते में 45 हजार यूनिट दिखाकर 3 लाख रुपये का बिल भेजा।
कमीशन ने इस मामले में भी डीएचबीवीएन को हर गलत बिल के लिए 500 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
प्रश्न: अगर बिजली विभाग औसत आधार पर बिल भेजता है तो क्या करें?
उत्तर: यदि आपको लगातार औसत बिल मिल रहा है, तो तुरंत एसडीओ कार्यालय में लिखित शिकायत करें। सुनवाई न होने पर आप राइट टू सर्विस कमीशन में अपील कर सकते हैं।
