हरियाणा में मौसम का मिजाज: बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
हरियाणा में मौसम की स्थिति
हिसार, 07 अप्रैल। हरियाणा के आसमान में छाए काले बादलों ने किसानों और आम जनता के लिए समस्याएं बढ़ा दी हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के कई क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से धूल भरी आंधी चलने और ओलावृष्टि की संभावना है। 7 अप्रैल को हुई तेज बारिश के बाद, 8 अप्रैल को भी मौसम का मिजाज खराब रहने की उम्मीद है। हालांकि, विभाग का कहना है कि आज बारिश का दायरा थोड़ा कम होगा, लेकिन बिजली गिरने की घटनाएं जान-माल के लिए खतरा बन सकती हैं।
गर्मी से मिली राहत, लेकिन फसलों को नुकसान
मौसम में आए इस बदलाव ने तापमान को प्रभावित किया है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 5.7°C की गिरावट आई है, जिससे दिन में लोगों को गर्मी से राहत मिली है। राज्य में सबसे अधिक तापमान पलवल में 29.3°C दर्ज किया गया, जबकि अधिकांश जिलों में तापमान 25 से 28 डिग्री के बीच रहा। बादलों की आवाजाही के कारण रात का तापमान 2.6°C बढ़ गया है, जिससे सिरसा में न्यूनतम तापमान 16.9°C रिकॉर्ड किया गया। गुरुग्राम, हिसार और करनाल जैसे जिलों में रातें सामान्य से थोड़ी गर्म महसूस हो रही हैं।
झज्जर और नूंह में गेहूं की फसल पर असर
फसलों की कटाई का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन बेमौसम बारिश ने इसे प्रभावित किया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अगले दो दिनों तक सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव से बचें। मंडियों की स्थिति भी चिंताजनक है, जहां झज्जर और नूंह की अनाज मंडियों में पर्याप्त तिरपाल की कमी के कारण सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग गया है। रेवाड़ी की मंडियों में किसान अपनी ट्रॉलियों को खुद के तिरपाल से ढंककर फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
9 अप्रैल से मौसम में बदलाव
एक राहत की बात यह है कि यह मौसमी सिस्टम अब समाप्ति की ओर है। विशेषज्ञों का कहना है कि 9 अप्रैल से प्रदेश का मौसम पूरी तरह से शुष्क हो जाएगा और आसमान साफ हो जाएगा। इसके बाद तापमान में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर रखें। मंडियों में फसल लाने वाले किसानों को मौसम की जानकारी लेकर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है ताकि उनकी मेहनत की फसल भीगने से बच सके।
