हरियाणा में मौसम का मिजाज बिगड़ा, किसानों पर पड़ी कुदरत की मार
हरियाणा में मौसम का बदलाव
चंडीगढ़, 04 अप्रैल। चंडीगढ़ और उसके आस-पास के क्षेत्रों में मौसम ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। सुबह की शुरुआत तेज धूप से हुई, लेकिन शाम होते-होते आसमान में काली घटाएं छाने लगीं। भारतीय मौसम विभाग ने हरियाणा के दक्षिण और पूर्वी हिस्सों, विशेषकर गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ ओले गिरने की संभावना जताई गई है।
किसानों की मेहनत पर कुदरत का कहर
बेमौसम बारिश ने हरियाणा के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कल हिसार, सिरसा, पानीपत और भिवानी में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को बर्बाद कर दिया। नूंह और फरीदाबाद में ओलों की इतनी मोटी परत बिछ गई कि सड़कें सफेद नजर आने लगीं। सिरसा में बिजली गिरने की घटना ने दहशत फैला दी, जहां एक मकान पर आसमानी बिजली गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश से न केवल पैदावार में कमी आएगी, बल्कि अनाज की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।
आगामी मौसम की चेतावनी
राहत की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए मौसम विभाग की भविष्यवाणियां चिंताजनक हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आज की बारिश के बाद भी राहत की कोई संभावना नहीं है। 7 अप्रैल से एक नया और अधिक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 7, 8 और 9 अप्रैल को हरियाणा, दिल्ली और पूरे एनसीआर में तेज अंधड़ और भारी बारिश का दौर फिर से शुरू होगा। लगातार हो रही इस बारिश के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट आ सकती है।
प्रशासन की सलाह
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसल को तिरपाल से ढक कर सुरक्षित स्थानों पर रखें। आम जनता को आंधी और बिजली कड़कने के समय ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे ढांचों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भी इस बारिश की भेंट चढ़ सकता है, जिससे उठान और खरीद की प्रक्रिया में बाधा आने की संभावना है।
