हरियाणा में मौसम का मिजाज बिगड़ा, भारी बारिश और आंधी की चेतावनी
मौसम में बदलाव की चेतावनी
हिसार, 07 अप्रैल। हरियाणा में मौसम ने अचानक करवट ली है। बीती रात हिसार, गुरुग्राम और भिवानी में हुई बारिश के बाद, 7 और 8 अप्रैल को पूरे राज्य में भारी उथल-पुथल की संभावना जताई जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के 17 जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूल भरी आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है।
विशेष चेतावनी वाले जिले
प्रशासन ने सिरसा, फतेहाबाद, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, पलवल, नूहं, रेवाड़ी और कैथल के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके अलावा, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण 7 और 8 अप्रैल को राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 9 अप्रैल को भी उत्तरी हरियाणा के कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।
किसानों और आम जनता के लिए सावधानियाँ
यह मौसम गेहूं की कटाई पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि यदि उनकी फसल कट चुकी है, तो उसे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं। मंडियों में रखे अनाज को खुले में न छोड़ें और तिरपाल से ढककर रखें। खराब मौसम के दौरान कच्चे छप्पर, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी अपने मवेशियों को खुले आसमान के नीचे न बांधने की सलाह दी गई है।
अप्रैल में बारिश का सिलसिला जारी
हरियाणा के निवासियों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन आंधी-तूफान के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, 11-12 अप्रैल को एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे मैदानी राज्यों में फिर से अंधड़ और बूंदाबांदी की संभावना है। इसका मतलब है कि अप्रैल महीने में मौसम में बार-बार बदलाव देखने को मिल सकता है। आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे गरज-चमक के समय ऊंचे पेड़ों या टावरों के पास न खड़े हों।
