हरियाणा में सरकारी नौकरी की भर्ती प्रक्रिया पर बढ़ी चिंता
हरियाणा में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं की चिंता
चंडीगढ़ . हरियाणा में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ग्रुप सी और डी पदों की भर्ती प्रक्रिया एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) ने ग्रुप सी के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) का आयोजन किया है, लेकिन विस्तृत परिणाम अभी तक जारी नहीं किया गया है। लाखों अभ्यर्थी इस असमंजस में हैं कि वे मेरिट लिस्ट में किस स्थान पर हैं। केवल अपने अंक देख पाने वाले ये उम्मीदवार यह नहीं जान पा रहे हैं कि उनके आगे या पीछे कितने लोग हैं, जिससे आगामी स्क्रीनिंग परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है।
विस्तृत परिणाम का इंतजार
ढाई महीने बीत चुके हैं, परिणाम का अब भी इंतजार
हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन ने 4 दिसंबर को सीईटी 2025 परीक्षा के परिणामों के संबंध में एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 13.47 लाख पंजीकृत उम्मीदवारों में से लगभग 92 प्रतिशत ने परीक्षा दी, जिनमें से 8.12 लाख को पास घोषित किया गया है।
इतनी बड़ी संख्या में युवाओं के पास होने के बावजूद आयोग ने इस बार पहले की तरह विस्तृत परिणाम सार्वजनिक नहीं किया है। लगभग ढाई महीने बीत जाने के बाद भी युवाओं को मेरिट में अपनी वास्तविक स्थिति का कोई अंदाजा नहीं है।
अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति
अपनी रैंक को लेकर अभ्यर्थियों में भारी भ्रम
आयोग ग्रुप सी के विभिन्न पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है, लेकिन पारदर्शिता की कमी से कई सवाल उठ रहे हैं। एचएसएससी के कुछ पूर्व चेयरमैन भी सार्वजनिक रूप से यह मांग कर चुके हैं कि विस्तृत परिणाम तुरंत जारी किया जाना चाहिए ताकि युवाओं के बीच मेरिट को लेकर स्पष्टता आ सके।
परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवारों का कहना है कि वे केवल अपने अंक देख पा रहे हैं। जब तक पूरी मेरिट लिस्ट सार्वजनिक नहीं होती, वे यह नहीं जान सकते कि वे अगले चरण के स्क्रीनिंग टेस्ट के सुरक्षित जोन में हैं या नहीं।
कानूनी स्टे का खतरा
पूरी भर्ती प्रक्रिया पर मंडरा रहा कानूनी स्टे का खतरा
सीईटी का विस्तृत परिणाम और मेरिट लिस्ट जारी न करना कानूनी दृष्टिकोण से हरियाणा सरकार और आयोग के लिए जोखिम भरा है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने 2017 और 2019 की पुरानी भर्तियों के दौरान स्पष्ट आदेश दिए थे कि चयन प्रक्रिया का पूरा विवरण आम जनता के लिए उपलब्ध होना चाहिए।
अगर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग जल्द ही इन आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं करता है, तो कोई भी असंतुष्ट अभ्यर्थी इसे आधार बनाकर अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। ऐसी स्थिति में पूरी ग्रुप सी भर्ती प्रक्रिया पर स्टे लगने का गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा, जिससे प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
