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हॉर्मुज स्ट्रेट की अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि

हॉर्मुज स्ट्रेट की अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इस स्थिति का मुख्य कारण अमेरिका द्वारा ईरान पर लागू की गई नाकाबंदी है। जानें इस मुद्दे के पीछे की जटिलताएँ और इसका भारत की अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव।
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हॉर्मुज स्ट्रेट की अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

मुंबई: हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने की स्थिति में अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। गुरुवार को, कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गईं। इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर देखा गया, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 94.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।


कच्चे तेल की कीमतों में इस वृद्धि का मुख्य कारण हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नेताओं द्वारा प्रस्तुत 'यूनिफाइड प्रस्ताव' के तहत युद्धविराम को बढ़ाने का निर्णय लिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लागू नौसैनिक नाकाबंदी को समाप्त नहीं किया।


अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि ईरान के खिलाफ नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस लौटने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा स्थिति में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से नहीं खोला जाएगा।


उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया है, जो सीजफायर का उल्लंघन है और इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। गालिबाफ ने स्पष्ट किया कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त करे।


विश्लेषकों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट पिछले 50 दिनों से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत प्रभावित हुआ है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर भारत के आयात बिल पर पड़ सकता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, सरकार का कहना है कि देशभर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।