होशियारपुर में बोरवेल से चार साल के बच्चे का सफल रेस्क्यू
बोरवेल में गिरने की घटना
होशियारपुर: होशियारपुर जिले में एक चार वर्षीय बच्चा खुले बोरवेल में गिर गया, जिसे लगभग नौ घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाला गया। इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन अंततः राहत की खबर आई।
बच्चे का नाम गुरकरण सिंह है। अधिकारियों के अनुसार, वह शुक्रवार शाम को अपने घर के पास खेल रहा था, तभी चक समाना गांव में एक खुले बोरवेल में गिर गया। यह बोरवेल लगभग 20 से 30 फीट गहरा था।
That’s how a good rescue effort looks like - a cheer amongst relief workers as a 4 year old child is recovered from Borewell.
— kamaljit sandhu (@kamaljitsandhu) May 16, 2026
What a relief to parents !
Visuals by @AseemBassi pic.twitter.com/MAbNZgsaDG
रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रक्रिया
क्या लिया गया एक्शन?
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, NDRF, SDRF, पंजाब पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
बच्चे की स्थिति जानने के लिए बोरवेल के अंदर कैमरा और ऑक्सीजन पाइप भेजा गया। प्रारंभ में कैमरे में बच्चे की हलचल दिखाई दी, जिससे राहत टीमों को उसकी स्थिति समझने में मदद मिली। बाद में ढीली मिट्टी गिरने लगी, जिससे रेस्क्यू और कठिन हो गया।
बच्चे की जान बचाने की प्रक्रिया
कैसे बचाई गई बच्चे की जान?
अधिकारियों ने बच्चे तक पहुंचने के लिए लगभग 25 से 30 फीट गहरा समानांतर गड्ढा खोदा और फिर एक सुरंग बनाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान भारी मशीनों का सावधानीपूर्वक उपयोग किया गया ताकि बच्चे को कोई नुकसान न पहुंचे।
रात करीब 12:40 बजे रेस्क्यू टीम ने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल भेजा। अधिकारियों ने बताया कि उसकी स्थिति स्थिर है और डॉक्टर उसकी जांच कर रहे हैं।
NDRF के डिप्टी कमांडेंट का बयान
NDRF के डिप्टी कमांडेंट पंकज शर्मा ने क्या कहा?
NDRF के डिप्टी कमांडेंट पंकज शर्मा ने कहा कि ढीली मिट्टी के कारण यह ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने लगातार मेहनत की। डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया था। बचाव अभियान के दौरान बच्चे की मां को भी मौके पर बुलाया गया ताकि वह उससे बात कर सके और बच्चा शांत रह सके। गांव के लोग पूरी रात मौके पर मौजूद रहे।
