AI Impact Summit में युवा कांग्रेस का विवाद: क्या है राजनीतिक प्रतिक्रिया?
नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट का विवाद
नई दिल्ली : भारत मंडपम में आयोजित 2026 का एआई इम्पैक्ट समिट एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच था, जहां विभिन्न देशों के विशेषज्ञ भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं पर चर्चा कर रहे थे। लेकिन समिट के पांचवे दिन युवा कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने अचानक शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे राजनीतिक हलकों में गर्मागर्मी बढ़ गई। कई नेताओं ने इसे अनुचित और देश की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया, जबकि यह प्रदर्शन किसी व्यापारिक समझौते के खिलाफ था। शनिवार को भी इस मुद्दे पर चर्चाएं जारी रहीं, जिससे राजनीतिक माहौल में तनाव बढ़ गया।
मायावती की कड़ी प्रतिक्रिया
बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने इस प्रदर्शन की कड़ी निंदा की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह प्रदर्शन अत्यंत अशोभनीय है। मायावती ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति थी, ऐसे में अर्धनग्न होकर रोष व्यक्त करना देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने चिंता जताई कि यदि यह कोई स्थानीय कार्यक्रम होता तो बात अलग होती, लेकिन वैश्विक मंच पर ऐसा व्यवहार बिल्कुल गलत है।
नई दिल्ली में आयोजित ’एआई इम्पैक्ट समिट’, जिसमें देश व विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे तथा यह इवेन्ट अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खि़यों में था, इस दौरान जिन भी लोगों द्वारा अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह…
— Mayawati (@Mayawati) February 21, 2026
दक्षिणी नेताओं की आपत्ति
तेलुगु देशम पार्टी के नेता नारा लोकेश ने इसे चौंकाने वाला और दुखद बताया। उन्होंने कहा कि एआई समिट भारत की तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करने का अवसर था, लेकिन राजनीतिक नाटक ने इसे बाधित कर दिया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने युवा कांग्रेस के इस कदम को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देश को एकजुट दिखाना आवश्यक है। तेलंगाना के केटी राम राव ने भी इस प्रदर्शन को तुच्छ करार दिया और कहा कि वैश्विक मंच पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
I’m shocked and dismayed by the disruption caused by Youth Congress at the AI Summit yesterday. This global platform was meant to showcase India’s growing leadership as an emerging AI superpower. Turning such a prestigious international event into a political spectacle only… pic.twitter.com/5338c5NtPV
— Lokesh Nara (@naralokesh) February 21, 2026
अखिलेश यादव का दृष्टिकोण
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को एआई की समझ नहीं है और चीन का नकली रोबोट लाना एक गलती थी। उन्होंने एक कार्टून का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने मेक इन इंडिया को कमजोर किया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हंगामे का समर्थन नहीं करते। उनका कहना था कि सरकार झूठ बोलती है, लेकिन विरोध आंतरिक रूप से किया जाना चाहिए, विदेशी मेहमानों के सामने देश का अपमान नहीं होना चाहिए।
Yesterday at the AI Summit, the Youth Congress made us all feel ashamed. Where is our politics heading! No one should ever demean our country. Whatever our political differences may be, we should always present a united face to the world.
— YS Jagan Mohan Reddy (@ysjagan) February 21, 2026
विरोध का तरीका और स्थान
यह घटना समिट के उद्देश्य को प्रभावित कर गई। कई लोगों ने माना कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन स्थान और तरीके का ध्यान रखना चाहिए। पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और जांच शुरू की। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़ गए हैं। कुल मिलाकर, यह मामला दर्शाता है कि राष्ट्रीय हितों को राजनीतिक लाभ से ऊपर रखना कितना आवश्यक है।
