AIADMK में आंतरिक संघर्ष: क्या TVK के साथ गठबंधन होगा भविष्य का रास्ता?
चेन्नई में AIADMK की स्थिति
चेन्नई: तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK में इन दिनों गंभीर आंतरिक अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के कई विधायक विजय की तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) के साथ गठबंधन की मांग कर रहे हैं, जिससे पार्टी नेतृत्व पर दबाव बढ़ता जा रहा है.
विधायकों का दबाव बढ़ता जा रहा है
सूत्रों के अनुसार, एआईएडीएमके के 30 से अधिक विधायक TVK के साथ आगे बढ़ने के पक्ष में हैं। टीवीके हाल के चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन उसे बहुमत के लिए 10 सीटों की कमी है। ऐसे में AIADMK के समर्थन से सरकार बनाने की चर्चा जोरों पर है.
पार्टी के पास वर्तमान में 47 विधायक हैं। कई विधायकों का मानना है कि टीवीके के साथ गठबंधन भविष्य की राजनीति के लिए एक सही कदम हो सकता है.
महत्वपूर्ण बैठक स्थगित
एआईएडीएमके की विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक अचानक स्थगित कर दी गई है। इस निर्णय ने पार्टी में गहरे विभाजन की अटकलें बढ़ा दी हैं। विधायकों की मांग है कि पार्टी को टीवीके को समर्थन देकर सत्ता गठन में मदद करनी चाहिए.
सीवी शनमुगम की सक्रियता
इस उथल-पुथल के मुख्य चेहरे वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम माने जा रहे हैं। उन्होंने टीवीके के साथ गठबंधन के लिए समर्थन जुटाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। खबर है कि लगभग 35 विधायक चेन्नई में उनके निवास पर इकट्ठा हुए हैं। शनमुगम ने पार्टी के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी समेत शीर्ष नेतृत्व से अपील की है कि नई सत्ता व्यवस्था में अपनी भूमिका बनाए रखने के लिए टीवीके के साथ समझौता किया जाए.
विजय के हाथ में निर्णय
एआईएडीएमके के राष्ट्रीय प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि अब निर्णय विजय के हाथ में है। उन्हें यह तय करना होगा कि वे अकेले पांच साल का कार्यकाल चलाना चाहते हैं या अन्य दलों के साथ मिलकर एक मजबूत सरकार बनाना चाहते हैं। राज्यपाल ने भी टीवीके से विधायकों की संख्या पर स्पष्टीकरण मांगा है.
AIADMK में यह संकट पार्टी के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यदि अधिक विधायक टीवीके के साथ चले गए, तो पार्टी कमजोर पड़ सकती है। सभी की नजरें इस आंतरिक संघर्ष के अगले कदम पर टिकी हुई हैं.
