NEET परीक्षा रद्द: विपक्ष ने मोदी सरकार पर उठाए सवाल
NEET परीक्षा रद्द होने का निर्णय
लखनऊ। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा को रद्द कर दिया है। यह निर्णय पेपर लीक के आरोपों के चलते लिया गया है। इस परीक्षा में 22.79 लाख छात्रों ने भाग लिया था। NEET परीक्षा के रद्द होने के बाद, विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखे हमले किए हैं। इस मामले की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि, "क्या कोई गारंटी है कि परीक्षा फिर से कराने पर यह लीक नहीं होगी? इस खबर ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों में भाजपा की भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ गहरा आक्रोश और निराशा पैदा की है। जब तक भाजपा सरकार है, परीक्षा प्रणाली में लीक होती रहेगी। भाजपा के जाने के बाद ही परीक्षा प्रणाली में सुधार होगा। भाजपा सरकार का मतलब है नाकाम सरकार!"
राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी की, "NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गई है। 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपा सरकार ने कुचल दिया है। कई पिता ने कर्ज लिया, मां ने गहने बेचे, लाखों छात्रों ने रात-रात भर पढ़ाई की, और बदले में मिला पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार। यह केवल नाकामी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।"
उन्होंने आगे कहा, "हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सजा भुगतते हैं। अब लाखों छात्रों को फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा। अगर मेहनत से नहीं, बल्कि पैसे और पहुंच से किस्मत तय होगी, तो शिक्षा का क्या मतलब रह जाएगा? प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।"
