WhatsApp ने सुप्रीम कोर्ट में डिजिटल निजता पर दिया आश्वासन
सुप्रीम कोर्ट में डिजिटल निजता का मामला
नई दिल्ली: भारत की सर्वोच्च न्यायालय में सोमवार को डिजिटल प्राइवेसी से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई हुई। व्हाट्सऐप ने अदालत को सूचित किया कि वह भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के निर्देशों का पालन करेगा और उपयोगकर्ताओं को अपने डेटा को अन्य मेटा कंपनियों, जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम, के साथ साझा करने पर अधिक नियंत्रण प्रदान करेगा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में हुई सुनवाई के दौरान, व्हाट्सऐप के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि कंपनी विज्ञापन से संबंधित डेटा साझा करने के लिए CCI द्वारा निर्धारित सुरक्षा उपायों और राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (NCLAT) के आदेशों का पूरी तरह से पालन करेगी।
कंपनी ने अदालत को आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक निर्देश 16 मार्च 2026 तक लागू कर दिए जाएंगे। अदालत ने इस बयान को रिकॉर्ड में लेते हुए मेटा और व्हाट्सऐप की अंतरिम रोक संबंधी याचिकाएं खारिज कर दीं। इसके साथ ही कंपनियों को CCI के समक्ष अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
हालांकि, मामले से जुड़े प्रमुख कानूनी मुद्दों पर सुनवाई आगे भी जारी रहेगी, लेकिन तत्काल प्रभाव से व्हाट्सऐप को अपनी प्राइवेसी नीति में बदलाव करते हुए उपयोगकर्ताओं को डेटा साझा करने के लिए स्पष्ट सहमति का विकल्प प्रदान करना होगा। यह कदम भारतीय उपयोगकर्ताओं की डेटा प्राइवेसी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
