अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए विशेष निगरानी
बाल विवाह के खिलाफ सख्त कदम
बाल विवाह पर रोकथाम के प्रयास जींद। जिले में बाल विवाह को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में बाल विवाह के मामलों में कमी आई है, लेकिन जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय की टीम किसी भी स्थिति में लापरवाही नहीं बरतना चाहती। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया (अखा तीज) के अवसर पर विवाह समारोहों की भरपूर धूमधाम होगी, जिससे यह संभावना है कि कुछ बाल विवाह भी हो सकते हैं।
इसलिए, जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय की टीम इस दिन विशेष रूप से सतर्क रहेगी। यदि लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम और लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम पाई जाती है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बाल विवाह के मामलों में पोक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
जागरूकता से घट रहे हैं बाल विवाह के मामले
जिले में बाल विवाह की घटनाओं में कमी
डीसी मोहम्मद इमरान रजा के मार्गदर्शन में, महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता ने बाल विवाह रोकने के लिए विशेष टीमें बनाई हैं। पिछले वर्षों की तुलना में जिले में बाल विवाह की घटनाओं में कमी आई है, जो कि लोगों की जागरूकता का परिणाम है। पिछले एक सप्ताह में, टीम ने मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और चर्चों में जाकर सभी को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया और कानून की जानकारी दी।
टीम ने सभी से अनुरोध किया है कि वे विवाह समारोहों में लड़के और लड़की के जन्म प्रमाण पत्र की जांच करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोनों बालिग हैं या नहीं। बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता ने कहा कि बाल विवाह से संबंधित किसी भी सूचना के लिए महिला हेल्पलाइन नंबर 181, 112 या 8814011559 पर संपर्क करें।
