अखिलेश यादव का आरोप: पश्चिम बंगाल में चुनावों में केंद्रीय बलों का दुरुपयोग
पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने यह आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय बलों के माध्यम से एक 'समानांतर प्रशासनिक ढांचा' स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के मौजूदा प्रशासन के साथ-साथ एक अलग 'चेन ऑफ कमांड' भी बनाई गई है। यादव ने यह भी बताया कि पुलिस महानिदेशक (DGP) के स्तर पर भी हस्तक्षेप हो रहा है, और जिलों में जिला पुलिस प्रमुखों के ऊपर अन्य अधिकारियों को तैनात किया गया है।
अखिलेश यादव ने अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई अधिकारी दबाव या प्रलोभन के तहत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ अधिकारियों को भविष्य में लाभ का आश्वासन दिया गया है, जबकि अन्य पर विभिन्न जांचों का डर दिखाकर दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, यह स्थिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक है और उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसे तत्वों के खिलाफ वोट करें जो अधिकारियों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में भी हो सकता है प्रशासनिक प्रयोग
यादव ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में वही मॉडल अपनाया जा रहा है जो रामपुर लोकसभा उपचुनाव के दौरान देखा गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि बंगाल में हो रहा यह 'प्रशासनिक प्रयोग' भविष्य में उत्तर प्रदेश में भी दोहराया जा सकता है। ममता बनर्जी की ऐतिहासिक जीत का भरोसा जताते हुए उन्होंने जनता को सचेत रहने और किसी भी प्रकार के अन्याय का सामना करने का आह्वान किया।
