अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला: सच्चे संतों का अपमान
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर के बाद सियासी हलचल
लखनऊ। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के बाद राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी की संभावनाएँ भी जताई जा रही हैं। इस संदर्भ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, सच्चे संतों का अपमान करके भाजपा ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह किसी की सगी नहीं है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ!' उन्होंने आगे कहा कि सच्चे संतों का अपमान करके भाजपा ने फिर से यह साबित कर दिया है कि उनकी केवल पैसों की भूख और स्वार्थ है। भाजपा की यह पुरानी कार्यशैली है कि जो भी उनके अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे झूठे आरोपों से डराने और दबाने की कोशिश की जाती है।
भाजपा हटाओ, सनातन बचाओ!
सच्चे संतों का अपमान करके भाजपा ने फिर साबित कर दिया है कि सिवाय अपनी पैसों की भूख और ख़ुदगर्ज़ी के, वो किसी की भी सगी नहीं है। भाजपाई की ये पुरानी ‘कु-कार्यशैली’ है कि जो भी भाजपाइयों के ज़ुल्म, ज़्यादती और जुर्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है, उसे भाजपाई… pic.twitter.com/aZoTz4KH4A
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 23, 2026
उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्ट भाजपा, उनके सहयोगी और सत्ता के साथियों का यह आपराधिक गठबंधन केवल धन कमाने के लिए सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रहा है। ये सभी अपने स्वार्थ के लिए एक जगह इकट्ठा हैं, जबकि आपसी मतभेद अक्सर बाहर सुनाई देते हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, हम समय-समय पर जनता से मिलते हैं। यह सरकार चाहती है कि हम धर्म के ठेकेदार बनें। देश में चार शंकराचार्य हैं जो सनातन धर्म की रक्षा करते आए हैं। अब उन्होंने उन पर हमले शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि, सच्चाई कभी खत्म नहीं होती, बल्कि वह हमेशा बनी रहती है। गौ हत्या के खिलाफ आवाज उठाई गई है और हम इसे और मजबूत करते रहेंगे।
