अखिलेश यादव का योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला, एमओयू की जांच की मांग
अखिलेश यादव का प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमला
लखनऊ: अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आदित्यनाथ 'धुरंधर से भी बड़े धुरंधर' हैं और आरोप लगाया कि उनकी विधायक पूजा पाल को गुमराह किया गया है। उन्होंने यह भी पूछा कि इस मामले में एफआईआर कहां दर्ज कराई जाए। यादव ने कहा कि पूजा पाल को पहले इसलिए नहीं निकाला गया क्योंकि वह महिला थीं, लेकिन अंततः मजबूरी में उन्हें पार्टी से बाहर किया गया।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि ऐसे बयान दिए जा रहे हैं ताकि कहीं से टिकट मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री के अंग्रेजी में किए गए ट्वीट पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह ट्वीट स्वयं नहीं लिखा गया, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा किया गया है। उन्होंने मजाक में कहा कि जो लोग एआई का पूरा नाम नहीं जानते, वे पीडीए का अर्थ और उसके दर्द को कैसे समझेंगे।
अखिलेश यादव ने सरकार द्वारा किए गए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर भी सवाल उठाए और कहा कि इनमें कोई वित्तीय आधार नहीं है। उन्होंने मांग की कि सभी एमओयू की जांच कराई जाए, क्योंकि ये जनता को गुमराह करने के लिए बनाए गए हैं। भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पहले केवल एक प्रोपेगेंडा मंत्री होता था, लेकिन अब केंद्र और प्रदेश में सभी मंत्री यही काम कर रहे हैं।
महंगाई और गैस सिलेंडर के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लोग सिलेंडर के लिए लाइन में लगने को मजबूर हैं और सिलेंडर का वजन भी घटा दिया गया है। उन्होंने मजाक में कहा कि उन्होंने अपने घर में मिट्टी के चूल्हे बनवा लिए हैं और जरूरत पड़ने पर सभी को ऐसा करना पड़ेगा।
संसद में ड्रेस कोड के मुद्दे पर भी उन्होंने टिप्पणी की और कहा कि क्या नेकर पहनकर संसद जाना होगा। यदि सभी भाजपा नेता नेकर पहनकर आएंगे, तो वे भी ऐसा करने को तैयार हैं।
इसके अलावा, अखिलेश यादव ने घोषणा की कि लखनऊ के रिवर फ्रंट पर सम्राट अशोक की मूर्ति स्थापित की जाएगी और उन्हें सोने के सिंहासन पर बैठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जनता की पीड़ा बढ़ेगी, वैसे-वैसे पीडीए मजबूत होता जाएगा और समाजवादी लोग इसे आगे बढ़ाते रहेंगे।
