अखिलेश यादव की दादरी रैली: 2027 चुनाव के लिए बदलाव की पुकार
दादरी में सपा की बड़ी रैली
नोएडा: गौतमबुद्ध नगर के दादरी में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव की रैली ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सपा और बीजेपी के बीच शक्ति प्रदर्शन की प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने मिहिर भोज डिग्री कॉलेज के मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन किया है। इस रैली के माध्यम से सपा 32 जिलों में लगभग 140 विधानसभा सीटों पर अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने का इरादा रखती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग पीड़ित हैं, वे PDA का हिस्सा हैं। पीड़ा ही हमें एकजुट करने वाला तत्व है। PDA एक सकारात्मक सामाजिक आंदोलन है, जो अत्याचार और अन्याय का सामना कर चुके लोगों के लिए है। उन्होंने कहा कि जो लोग हमारे दर्द को नहीं समझते, वे हमारी स्थिति को नहीं जान सकते। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय बदल चुका है और हमें चालबाजी और भेदभाव को छोड़ देना चाहिए।
अखिलेश ने कहा कि अगर कोई पार्टी सबसे ज्यादा झूठ बोलती है, तो उसका नाम बताने की जरूरत नहीं है। PDA सामाजिक और मानसिक परिवर्तन का एक साधन है, और इसकी शुरुआत हम सभी से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ना होगा, चाहे इसके लिए कितना भी समय लगे।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बदलाव लाएं। वर्तमान सरकार ने 50 लाख करोड़ के MoU पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं हुआ है। युवाओं को रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। दादरी की रैली केवल एक रैली नहीं है, बल्कि यह एक हुंकार है। आने वाले समय में PDA के लोग सरकार बनाने जा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि हम नोएडा नहीं आते हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि समाजवादियों ने नोएडा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने मेट्रो के उद्घाटन का जिक्र करते हुए कहा कि यह समाजवादियों की देन है।
सपा के मुखिया ने 9वीं सदी के सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया है और थोड़ी देर में रैली को संबोधित करेंगे। इस रैली को सपा के 2027 विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत माना जा रहा है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने बताया कि रैली में 32 जिलों के कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है और लगभग 10,000 सपा कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।
