अखिलेश यादव ने गैस संकट पर उठाए सवाल, वैकल्पिक उपायों की दी सलाह
गैस संकट पर अखिलेश यादव का बयान
लखनऊ। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के कारण भारत में एलपीजी गैस की आपूर्ति में समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इस संदर्भ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें गैस संकट की संभावना का पता चला, तो उन्होंने लोगों को सलाह दी थी कि वे कंडे, लकड़ी और अंगीठी तैयार कर लें, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि उन्होंने अपने घर में मिट्टी के दो चूल्हे मंगवा लिए हैं, क्योंकि गैस की कमी सभी को प्रभावित करेगी। उनका कहना था कि यदि यह समस्या कुछ समय तक बनी रहती है, तो लोगों को वैकल्पिक तरीकों से खाना बनाना होगा। सपा प्रमुख ने कहा कि यह समस्या सभी को प्रभावित करेगी, इसलिए उन्होंने लकड़ी और कोयले से खाना बनाने का इंतजाम कर लिया है। यदि यह संकट एक से तीन महीने तक चलता है, तो सभी को इसी तरह से खाना बनाना पड़ेगा।
समाज के हर वर्ग पर पड़ेगा असर
अखिलेश यादव ने कहा कि इस संकट का प्रभाव समाज के सभी वर्गों पर पड़ेगा, चाहे वे छात्र हों, कारोबारी हों या व्यापारी। विशेष रूप से छात्रों, गरीबों और दैनिक काम करने वालों को सबसे अधिक कठिनाई होगी, क्योंकि इनमें से कई लोग चाट, मोमोज, मैगी या नूडल्स बनाकर अपना जीवन यापन करते हैं।
गैस पर निर्भरता की समस्या
उनके लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगी, क्योंकि उनका पूरा व्यवसाय गैस पर निर्भर है। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि ‘एक कचौड़ी, एक समोसा गैस पर नहीं भरोसा’ और संकेत दिया कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तो आम लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
बीजेपी पर आरोप
इसके अलावा, अखिलेश यादव ने काले बाजार में बिक रहे गैस सिलेंडरों का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि कुछ लोग इस समय अधिक कीमतों पर एलपीजी सिलेंडर बेच रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी ने उनके एक नेता सुरेंद्र कुमार उर्फ सोनू कनौजिया को बदनाम करने के लिए गिरफ्तार किया, जबकि उनकी पत्नी मंजू कनौजिया के नाम पर भारत गैस की एजेंसी है।
