अखिलेश यादव ने भाजपा पर किया तीखा हमला, मतदाताओं से की जागरूकता की अपील
अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी की सरकारों पर जोरदार हमला किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर भाजपा को वोट देने वाले मतदाताओं से जागरूक होने की अपील की और कई सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि अपने परिवार की भलाई के बारे में सोचते हुए इन सवालों पर विचार करें।
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि भाजपा को बिना सोचे-समझे समर्थन देने वाले लोग देश प्रेम, संवेदना और विवेक रखते हैं, तो उन्हें निम्नलिखित मुद्दों पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा के शासन में लोग 'उत्तराखंड की बेटी' के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में जहरीले सिरप से मौतें हो रही हैं। इसके अलावा, जीएसटी अधिकारी के घर से करोड़ों रुपये की नकदी बरामद हो रही है, जबकि सरकार काले धन के खिलाफ लड़ाई का दावा कर रही है।
भाजपा को आँख बंद करके समर्थन व वोट देनेवाले अगर रत्ती भर भी देश प्रेम, संवेदना, शर्म, मानवता, विवेक, ज्ञान और चेतना रखते हों तो निम्नलिखित को पढ़कर ख़ुद से सवाल करें और अपनी बहन, बेटियों, परिवार की ओर देखने के बाद आइने में अपनी आँखों से आँखें मिलाएं:
– भाजपाई डबल इंजन के…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 4, 2026
अखिलेश ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश में जहरीले पानी से लोग मारे जा रहे हैं और बाबासाहेब की तस्वीरें जलायी जा रही हैं। दिल्ली में लोग एक-एक सांस के लिए तरस रहे हैं, जबकि राजस्थान में किसान घातक फैक्ट्रियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गुजरात और हरियाणा में आम जनता अवैध खनन के खिलाफ न्यायालय का सहारा ले रही है। त्रिपुरा में एक बीएसएफ जवान के बेटे की हत्या की गई है, और असम में साम्प्रदायिक भेदभाव की सीमाएं पार की जा रही हैं।
अखिलेश ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में लोगों को चुनाव लड़ने और वोट देने से रोका जा रहा है। छत्तीसगढ़ में अल्पसंख्यकों के त्योहारों पर हमले हो रहे हैं, और ओडिशा में गरीब पटरीवालों को धमकाया जा रहा है।
उन्होंने बिहार में शराबबंदी के बावजूद भ्रष्टाचार के चलते अवैध शराब की बिक्री का भी जिक्र किया। अखिलेश ने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने परिवार और समाज के भविष्य के बारे में सोचें और भाजपा को दिए गए अपने समर्थन पर पुनर्विचार करें।
