अखिलेश यादव ने मनरेगा नाम परिवर्तन पर भाजपा को घेरा
मनरेगा का नाम बदलने पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर मनरेगा का नाम बदलने को लेकर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का असली उद्देश्य मनरेगा का नाम बदलना नहीं, बल्कि इसे समाप्त करना है। भाजपा केवल अपने हितों को साधने में लगी हुई है और दूसरों की भलाई की परवाह नहीं करती।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नाम परिवर्तन से कोई लाभ नहीं होगा, बल्कि यह भाजपा की एक गुप्त योजना है जिससे मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा के बजट को लगातार घटा रही है और राज्यों पर खर्च करने का इतना दबाव बना रही है कि जीएसटी प्रणाली के तहत केंद्र से धन न मिलने के कारण पहले से ही संकट में पड़े राज्य अतिरिक्त बजट कैसे जुटा पाएंगे।
मनरेगा का नाम बदलने से क्या होगा, दरअसल ये मनरेगा को धीरे-धीरे ख़त्म करने की भाजपा की गोपनीय साज़िश है। भाजपा सरकार :
– एक तरफ़ मनरेगा का बजट कम से कमतर करती जा रही है
– तो दूसरी तरफ़ राज्यों पर पैसा ख़र्च करने का इतना दबाव बना दिया गया है कि ‘जीएसटी सिस्टम’ में केंद्र से…— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 7, 2026
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने सैकड़ों ग्राम सभाओं को 'अर्बन कैटेगरी' में डालकर उनके बजट को भी प्रभावित किया है। वास्तव में, मनरेगा का नाम बदलना भाजपा का असली लक्ष्य नहीं है, बल्कि इसे समाप्त करना है। गरीबों की आवाज़ आज यह है कि उन्हें भाजपा की आवश्यकता नहीं है!
