अखिलेश यादव ने योगी कैबिनेट विस्तार पर उठाए सवाल
योगी कैबिनेट का विस्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने रविवार को जनभवन में भूपेंद्र सिंह चौधरी, मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके अलावा, दो मौजूदा मंत्रियों को प्रमोशन देकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी कैबिनेट के विस्तार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केवल समय बिताने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल के विस्तार में इनका कोई वास्तविक योगदान नहीं है। उनका कहना था कि भाजपा शासन में मुख्यमंत्री का मतलब केवल 'कूरियर-मेसेंजर' रह गया है।
समय बिताने के लिए करना है कुछ काम!
वैसे भी मंत्रिमंडल के विस्तार में तो इनका कोई काम है नहीं। उधर से पर्ची आएगी, यहाँ तो सिर्फ़ पढ़ी जाएगी। भाजपा राज में वैसे भी CM का मतलब बस यही रह गया है : Courier-Messenger.
वैसे जनता पूछ रही है कि फ़िल्म सबसे आगे बैठकर देखेंगे या पीछे…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 10, 2026
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जनता जानना चाहती है कि वे फ़िल्म को आगे बैठकर देखेंगे या पीछे। उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि फ़िल्म को ध्यान से देखें, क्योंकि यह संभव है कि 'कर्मफल-कंसफल' के सिद्धांत को समझकर कुछ जागरूकता आए और सकारात्मक बदलाव हो। उन्होंने यह भी कहा कि बुराई इंसान को और बुरा बनाती है, जबकि 'परमार्थ' के मार्ग पर चलने से सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
उन्होंने यह भी बताया कि व्यक्ति के अंदर की बुराइयों पर अच्छाइयों की जीत संभव है, जो महाकाव्यों का गहरा संदेश है। अपनी गलतियों के लिए प्रायश्चित करने के लिए आंतरिक प्रकाश की आवश्यकता होती है, जो अंधेरे में भी मौजूद हो सकता है।
