अजित पवार के विमान हादसे की जांच में रहस्य और राजनीति का खेल
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री का रहस्यमय निधन
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु के मामले में कई रहस्यमय पहलू सामने आ रहे हैं। 28 जनवरी को हुई इस घटना के बाद से यह चर्चा तेज हो गई थी कि इसमें कोई साजिश हो सकती है और इसकी जांच की आवश्यकता है। अजित पवार की पार्टी राज्य सरकार का हिस्सा है और केंद्र में भी उनका समर्थन है। इसके बावजूद, न तो पुलिस और न ही सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।
अजीब बात यह है कि एनसीपी के शरद पवार खेमे के विधायक रोहित पवार को छोड़कर इस मुद्दे पर कोई और आवाज नहीं उठा रहा है। रोहित पवार ने इस हादसे को साजिश करार दिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई परिस्थितिजन्य सबूत पेश किए। इसके बाद, दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार ने भी साजिश की बात स्वीकार की। सुनेत्रा पवार, जो अब राज्य की उप मुख्यमंत्री हैं, ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से मिलकर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की।
सीबीआई जांच की मांग और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
दिलचस्प बात यह है कि सुनेत्रा पवार की सीबीआई जांच की मांग के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री फड़नवीस ने इस मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश भेज दी। लेकिन रोहित पवार ने विधानसभा में बताया कि 35 दिन बीत जाने के बाद भी सीबीआई ने अभी तक जांच शुरू नहीं की है। उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत के मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय बिहार सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने तुरंत कार्रवाई की थी।
इससे सवाल उठता है कि 35 दिन बाद भी सीबीआई जांच की मंजूरी क्यों नहीं मिली? रोहित पवार ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र पुलिस ने बार-बार कहने पर भी एफआईआर दर्ज नहीं की, जिसके कारण उन्हें कर्नाटक में जीरो एफआईआर दर्ज करानी पड़ी। अब वह एफआईआर महाराष्ट्र के डीजीपी को ट्रांसफर की जा चुकी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है। रोहित पवार ने विमानन मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की है।
