अनुज अग्निहोत्री ने यूपीएससी में हासिल की पहली रैंक: जानें उनकी प्रेरणादायक कहानी
अनुज अग्निहोत्री की अद्वितीय सफलता
नई दिल्ली: चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा निवासी अनुज अग्निहोत्री ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 1 प्राप्त कर देश में पहला स्थान हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार को गर्वित किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ा दी है। अनुज की सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सेवा का मार्ग चुना और कठिन परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया।
एम्स जोधपुर से एमबीबीएस और सिविल सेवा की ओर कदम
अनुज ने एम्स जोधपुर से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव प्रशासनिक सेवाओं की ओर बढ़ा। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया और लगातार मेहनत के बल पर इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
उन्होंने पहले भी यूपीएससी परीक्षा पास की थी और डीएएनआईसीएस कैडर में सेवाएं दी थीं। लेकिन उन्होंने फिर से प्रयास किया और इस बार देश में पहली रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया।
मां की नजर में अनुज की दिनचर्या
अनुज की मां, मंजू अग्निहोत्री, ने बेटे की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "यह उसकी मेहनत और भगवान की कृपा का परिणाम है। हर मां की तरह मैंने भी वही किया जो एक मां करती है।"
उन्होंने अनुज की दिनचर्या के बारे में बताया, "वह सुबह 6 बजे उठता था, नाश्ता करता और अपने सभी काम नियमित समय पर करता था। इसी कारण मुझे कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ती थी।"
मंजू ने कहा कि अनुज पढ़ाई के दौरान बहुत अनुशासित रहता था और किसी भी प्रकार की बाधा उसे पसंद नहीं थी।
तीसरे प्रयास में मिली पहली रैंक
अनुज ने बताया कि उनकी यह सफलता एक लंबी यात्रा का परिणाम है। उन्होंने कहा, "जब मैं एमबीबीएस कर रहा था, तभी मेरा रुझान सिविल सेवाओं की ओर बढ़ा। मेरा पहला प्रयास 2023 में था, जिसमें मुझे DANICS सेवा मिली थी। यह मेरा तीसरा प्रयास है, इसलिए यह एक लंबी यात्रा रही है।"
उन्होंने अपनी पढ़ाई के बारे में बताया, "मैंने 2017 बैच में AIIMS जोधपुर से एमबीबीएस किया। इंटर्नशिप के दौरान मैंने तैयारी के लिए एक ऑनलाइन कोर्स लिया और घर पर रहकर अपनी तैयारी जारी रखी।"
परिवार का सहयोग
अनुज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया। उनका कहना है कि यूपीएससी जैसी लंबी तैयारी के दौरान परिवार का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने कहा, "मेरे परिवार ने हमेशा एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम बनाए रखा। मेरे पिता न्यूक्लियर पावर प्लांट में काम करते हैं और मेरी मां गृहिणी हैं।"
मेहनत और भाग्य का परिणाम
अनुज ने कहा कि यूपीएससी जैसी परीक्षा में पहली रैंक की उम्मीद पहले से नहीं की जा सकती। उन्होंने इसे मेहनत और भाग्य दोनों का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा, "पहली रैंक की उम्मीद कोई भी पक्के तौर पर नहीं लगा सकता, क्योंकि यह परीक्षा विषयगतता से भरी होती है।"
