अनुराग ढांडा का बजट पर कड़ा हमला: हरियाणा की जनता को मिला धोखा
हरियाणा के बजट पर अनुराग ढांडा की प्रतिक्रिया
शिक्षा पर 2 प्रतिशत से भी कम बजट हरियाणा के युवाओं से धोखा है: अनुराग ढांडा
महिलाओं के लिए पिछले बजट में आवंटित 5000 करोड़ में से केवल 12 प्रतिशत खर्च हुआ: अनुराग ढांडा
लाडो लक्ष्मी योजना के 4500 करोड़ बीजेपी सरकार डकार गयी: अनुराग ढांडा
खेल बजट 1 प्रतिशत से भी कम, इसीलिए खिलाड़ी गंवा रहे जान: अनुराग ढांडा
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की मेहनतकश जनता एक बार फिर ठगी महसूस कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 वास्तव में विकास का नहीं, बल्कि कर्ज और झूठे वादों का दस्तावेज है। सरकार जो दावा करती है, वह हकीकत से बहुत दूर है। राज्य पर ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज बताया जा रहा है, जबकि वास्तविक बोझ लगभग ₹5 लाख करोड़ के आसपास है। यह भी चिंताजनक है कि सरकार की लगभग 34 प्रतिशत आमदनी उधार से आएगी और बजट का करीब 30 प्रतिशत, यानी लगभग ₹67,000 करोड़ केवल पुराने कर्ज की किस्तें चुकाने में खर्च होगा। यह विकास नहीं, कर्ज का मेला है।
उन्होंने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने हरियाणा की हर महिला को बिना किसी शर्त ₹2100 मासिक देने का वादा किया था। अब वही सरकार बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए केवल ₹6,500 करोड़ रखकर अपने वादे से पलट गई है। यदि लगभग 1 करोड़ महिलाओं को ₹2100 प्रति माह देना हो तो सालाना लगभग ₹22,000 करोड़ की आवश्यकता होगी। लेकिन बजट के आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि सरकार के पास महिलाओं के लिए न तो नीयत है और न ही पर्याप्त निधि। अभी तक केवल लगभग 9 लाख महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है। यह महिलाओं के सम्मान का नहीं, उनके भरोसे के साथ खिलवाड़ का बजट है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी भाजपा सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट हो गई हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षा पर कम से कम 6 प्रतिशत खर्च होना चाहिए, लेकिन हरियाणा सरकार ने केवल 1.9 प्रतिशत बजट शिक्षा के लिए रखा है। सरकारी स्कूलों में 15,451 शिक्षकों के पद खाली हैं और कॉलेजों में 2,400 से अधिक टीचिंग और नॉन-टीचिंग पद रिक्त हैं। जब शिक्षक ही नहीं होंगे तो युवाओं का भविष्य कैसे बनेगा? यह सरकार युवाओं के सपनों को कमजोर कर रही है।
अनुराग ढांडा ने स्वास्थ्य क्षेत्र की स्थिति को भी चिंताजनक बताया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अनुसार राज्यों को कम से कम 8 प्रतिशत बजट स्वास्थ्य पर खर्च करना चाहिए, लेकिन हरियाणा सरकार ने केवल 6.02 प्रतिशत ही प्रावधान किया है। अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, दवाइयों की कमी और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल स्थिति के बावजूद सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। आज भी इतने सालों बाद रेवाड़ी एम्स अधूरा पड़ा है। गुरुग्राम का सिविल अस्पताल भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। रोहतक पीजीआई, खानुपर और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की हालत भी खराब हो चुकी है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि यह बजट स्पष्ट रूप से दिखाता है कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि झूठे आंकड़ों का खेल है। कर्ज लेकर ताली बजवाना और अधूरे वादों को उपलब्धि बताना अब नहीं चलेगा। हरियाणा की जनता सब देख रही है और समझ रही है कि यह बजट उनके सपनों को पूरा करने का नहीं, बल्कि उन्हें भ्रम में रखने का प्रयास है। आम आदमी पार्टी जनता के साथ खड़ी है और हरियाणा के लोगों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।
