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अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर बढ़ता संघर्ष

अफगानिस्तान तालिबान और पाकिस्तानी सेना के बीच सीमा पर संघर्ष में तेजी आई है। हाल ही में अफगान वायु सेना ने पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं। इस पर पाकिस्तान ने 'ओपन वॉर' की घोषणा की है। जानें इस बढ़ते तनाव के पीछे के कारण और दोनों पक्षों के दावों के बारे में।
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अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर बढ़ता संघर्ष

सीमा पर संघर्ष की तीव्रता

अफगानिस्तान में तालिबान और पाकिस्तानी सेना के बीच सीमा पार झड़पें बढ़ती जा रही हैं। हालिया घटनाओं में, अफगान वायु सेना ने सोमवार (2 मार्च) को ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इनमें रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस, क्वेटा में 12वीं कोर का मुख्यालय, खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मंद एजेंसी में खोविजू कैंप और गुलनी सैन्य अड्डा शामिल हैं। अफगान वायु सेना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर ड्रोन हमले को दर्शाया गया है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई पाकिस्तानी सेना द्वारा हाल ही में की गई हवाई घुसपैठ के जवाब में की गई थी।


पाकिस्तान का ओपन वॉर की घोषणा

रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि आज, राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय की वायु सेना ने पाकिस्तान में प्रमुख सैन्य ठिकानों के खिलाफ एक सटीक और समन्वित हवाई अभियान चलाया। इसमें रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस, क्वेटा (बलूचिस्तान) में 12वीं डिवीजन का मुख्यालय, मोहम्मंद एजेंसी में ख्वाजाई कैंप और कई अन्य महत्वपूर्ण पाकिस्तानी सैन्य सुविधाएं शामिल थीं।


सीमा पार झड़पों में वृद्धि के बाद, पाकिस्तान ने 27 फरवरी को अफगानिस्तान तालिबान के खिलाफ "ओपन वॉर" की घोषणा की।


पाकिस्तान का दावा

पाकिस्तानी सेना ने हवाई हमलों में 270 से अधिक तालिबान लड़ाकों को मार गिराने और 400 से अधिक को घायल करने का दावा किया है। इस स्थिति को लेकर अमेरिका सहित वैश्विक नेताओं ने चिंता व्यक्त की है। सीमा पार हमलों और डूरंड रेखा पर होने वाली घातक झड़पों ने पाकिस्तानी वायुसेना को अफगानिस्तान तालिबान के खिलाफ हवाई हमले करने के लिए प्रेरित किया। पाकिस्तान का कहना है कि उसने उन आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, जो अफगान क्षेत्र से उसकी सेनाओं पर हमले कर रहे थे।