अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग को दी चुनौती, ममता बनर्जी की राजनीति को आगे बढ़ाया
चुनाव आयोग के खिलाफ अभिषेक बनर्जी की चुनौती
डायमंड हार्बर के सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में चुनाव आयोग को खुली चुनौती दी है। उन्होंने चुनाव आयोग की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त से सीधे संवाद करते हुए कहा कि वे नॉमिनेटेड हैं, जबकि वे खुद इलेक्टेड हैं। जब वे चुनाव आयोग पहुंचे, तो उन्होंने गेट के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती देखी और टिप्पणी की कि अभी तो अभिषेक बनर्जी आए हैं, जब ममता बनर्जी आएंगी तब क्या होगा? उन्होंने यह भी कहा कि चाहे जितनी भी एसआईआर कराई जाए, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सीटें बढ़ेंगी। उल्लेखनीय है कि एसआईआर में लगभग 58 लाख नाम कट चुके हैं और 32 लाख लोगों को नोटिस भेजा गया है।
भाजपा नेताओं को दी चुनौती
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेताओं को भी चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि असम में भाजपा की सरकार है, तो वह सोनार असम क्यों नहीं बना रही है, जबकि वह सोनार बांग्ला बनाने की बात कर रही है? इसके अलावा, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा ने त्रिपुरा में दो बार जीत हासिल की है, तो वहां सोनार त्रिपुरा क्यों नहीं बनाया? उन्होंने दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का भी हिसाब मांगा है। दरअसल, वे ममता बनर्जी की टकराव की राजनीति को आगे बढ़ा रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधे चुनौती दे रहे हैं। यह बंगाल की राजनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो बांग्ला अस्मिता की राजनीति को भी मजबूत करता है। वे एक यात्रा पर हैं और इस यात्रा के दौरान लगातार चुनौती देते रहेंगे।
