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अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की परिवर्तन यात्रा को संबोधित किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की परिवर्तन यात्रा के दौरान ममता बनर्जी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ममता ने बंगाल को घुसपैठियों का स्वर्ग बना दिया है और आश्वासन दिया कि भाजपा सत्ता में आने पर सभी घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा। शाह ने हिंदू शरणार्थियों की नागरिकता की सुरक्षा का भी आश्वासन दिया। परिवर्तन यात्रा का उद्देश्य बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना और भ्रष्टाचार को समाप्त करना है।
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अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की परिवर्तन यात्रा को संबोधित किया

ममता बनर्जी पर तीखा हमला


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में भाजपा की परिवर्तन यात्रा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी की सरकार पर कड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल को घुसपैठियों का स्वर्ग बना दिया है।


शाह ने स्पष्ट किया कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो वे राज्य से सभी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकाल देंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वोटर लिस्ट से केवल घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं, लेकिन जब भाजपा पूर्ण बहुमत से सत्ता में आएगी, तो उन्हें राज्य से बाहर किया जाएगा।


हिंदू शरणार्थियों की सुरक्षा

अमित शाह ने यह भी कहा कि हिंदू शरणार्थियों की नागरिकता को नहीं छीना जाएगा। उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार पर सीमाओं की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा के सत्ता में आने पर घुसपैठ और भ्रष्टाचार दोनों पर रोक लगेगी।


परिवर्तन यात्रा का उद्देश्य

शाह ने बताया कि भाजपा ने राज्य में बदलाव लाने के लिए परिवर्तन यात्रा शुरू की है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी मंदिरों के उद्घाटन में व्यस्त हैं, जबकि राज्य में मस्जिदों का निर्माण हो रहा है। टीएमसी नेता हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाने की कोशिश को एक साजिश बताया।


बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना

उन्होंने कहा कि परिवर्तन का मतलब केवल मुख्यमंत्री बदलना नहीं है, बल्कि बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना, भ्रष्टाचार को समाप्त करना और टीएमसी सरकार को हटाकर भाजपा सरकार बनाना है। पश्चिम बंगाल में कुल 9 परिवर्तन यात्राएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें से चार पहले ही शुरू हो चुकी हैं। शाह ने कहा कि दशकों के कम्युनिस्ट शासन और टीएमसी सरकार के कारण बंगाल की स्थिति खराब हुई है, और अब सोनार बांग्ला को फिर से बनाने का समय आ गया है।