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अमेरिका-ईरान शांति वार्ता: ट्रंप का दावा, अमेरिका की स्थिति मजबूत

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की स्थिति को मजबूत बताया है। उन्होंने ईरान के नए प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि वार्ता में प्रगति की संभावनाएं हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की पाकिस्तान यात्रा की संभावना भी है, जहां वे शांति के लिए नए फॉर्मूले पर चर्चा करेंगे। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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अमेरिका-ईरान शांति वार्ता: ट्रंप का दावा, अमेरिका की स्थिति मजबूत

ईरान का नया प्रस्ताव अमेरिका के पास


वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम के बाद स्थायी शांति की कोशिशें अब तक सफल नहीं हो पाई हैं। दोनों देश एक-दूसरे की बातों पर अडिग हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका के पास बातचीत के लिए एक मजबूत स्थिति है। उन्होंने यह भी बताया कि जैसे ही उन्होंने दौरा रद्द किया, ईरान ने तुरंत एक नया और बेहतर प्रस्ताव भेजा।


ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने चाहिए। जब उनसे युद्धविराम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इस पर अभी कोई विचार नहीं किया गया है। इसके साथ ही, ट्रंप ने अपने विशेष दूतों जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ का पाकिस्तान दौरा अचानक रद्द कर दिया। ये अधिकारी ईरान के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने वाले थे। ट्रंप ने इसके पीछे लंबी यात्रा, भारी खर्च और ईरान के नेताओं की कमी को कारण बताया।


अराघची की पाकिस्तान यात्रा की संभावना


ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर पाकिस्तान जा सकते हैं। वह वर्तमान में ओमान में हैं और वहां से लौटने के बाद इस्लामाबाद जाने की संभावना है। इसके बाद उनकी रूस यात्रा भी होगी। हाल ही में, अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की थी। इस दौरान, ईरान ने आठ हफ्तों से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक नया फॉर्मूला पेश किया है।


ईरानी मंत्री ने कहा कि उन्होंने शांति का रास्ता बताया है, लेकिन अमेरिका की नीयत पर उन्हें संदेह है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के लिए अपनी मांगों की एक आधिकारिक सूची भी प्रस्तुत की है। अराघची ओमान के माध्यम से अमेरिका के साथ संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। अपनी रूस यात्रा के दौरान, वह मॉस्को को इस्लामाबाद वार्ता की प्रगति के बारे में जानकारी देंगे।