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अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता: धमकियों का दौर जारी

अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का दौर जारी है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच धमकियों का आदान-प्रदान भी हो रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से 14 सूत्री प्रस्ताव प्राप्त किया है, जबकि ईरान के अधिकारी ने अमेरिका को चेतावनी दी है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता: धमकियों का दौर जारी

अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की स्थिति

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन इसके साथ ही दोनों देशों के बीच एक-दूसरे को धमकाने का सिलसिला भी थम नहीं रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी है कि उन्हें ईरान की तरफ से एक 14 सूत्री प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। यह प्रस्ताव अमेरिका के 9 सूत्री प्रस्ताव का जवाब है। ट्रंप ने कहा है कि वे इस प्रस्ताव का गहनता से अध्ययन कर रहे हैं।


धमकियों का आदान-प्रदान

वहीं, दोनों पक्षों के बीच धमकियों का आदान-प्रदान भी जारी है। ईरान के वरिष्ठ अधिकारी मोहसिन रजाई ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि होर्मुज की खाड़ी को अमेरिकी सेना की कब्रगाह में बदल दिया जाएगा। मोहसिन रजाई, जो पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर रह चुके हैं, ने अमेरिकी सेना को समुद्री लुटेरा करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका एकमात्र ऐसा देश है, जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर हैं।


अमेरिका की प्रतिक्रिया

मोहसिन रजाई ने पिछले महीने इस्फहान में एक अमेरिकी एफ-15ई विमान को गिराने का उदाहरण देते हुए कहा कि उसी तरह अमेरिकी जहाजों और सैनिकों का भी अंजाम हो सकता है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने कोई गलती की, तो अमेरिका फिर से हमले कर सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय मजबूत स्थिति में है, जबकि तेहरान दबाव में है और समझौता करने की कोशिश कर रहा है।


ईरान का 14 सूत्री प्रस्ताव

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान की ओर से 14 सूत्री प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह प्रस्ताव अमेरिका के 9 सूत्री प्रस्ताव का जवाब है। इसमें 30 दिनों के भीतर सभी मुद्दों का समाधान, भविष्य में हमले न करने की गारंटी, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी, फ्रीज किए गए ईरानी एसेट्स को रिलीज करने, प्रतिबंध हटाने और युद्ध के मुआवजे की मांग शामिल है। ईरान ने कहा है कि उसके परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता को अंतिम चरण में रखा जाए, तभी वह होर्मुज की खाड़ी खोलेगा।