अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता के लिए पाकिस्तान में हलचल
सीजफायर वार्ता की तैयारी
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता को लेकर गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान पहुँच चुके हैं, जबकि ईरानी प्रतिनिधि भी अपने दल के साथ वहां मौजूद हैं।
उपराष्ट्रपति वेंस का स्वागत
पाकिस्तान के मिलिट्री प्रमुख असीम मुनीर, विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार और इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास की चार्ज डी’अफेयर्स नैटली बेकर ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस का स्वागत किया।
अमेरिकी डेलिगेशन की संरचना
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर कर रहे हैं। ये तीनों शनिवार को इस्लामाबाद पहुंचे।
ईरानी डेलिगेशन की जानकारी
सरकारी मीडिया तस्नीम के अनुसार, इस्लामाबाद में ईरान के डेलिगेशन में 71 सदस्य शामिल हैं, जिनमें नेगोशिएटर, विशेषज्ञ, मीडिया प्रतिनिधि और सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ इस डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भी शामिल हैं।
यूरोपीय संघ की अपील
यूरोपीय संघ की एक्सटर्नल एक्शन सर्विस (ईईएएस) ने सभी पक्षों से ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर का सम्मान करने की अपील की है। इसके साथ ही लेबनान में दुश्मनी को समाप्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
पाकिस्तान के सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से पहले सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले फेडरल कैपिटल को 'रेड अलर्ट' पर रखा गया था।
सुरक्षा बलों की तैनाती
10,000 से अधिक पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को दोनों देशों के डेलिगेशन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था का विवरण
डॉन ने बताया कि मल्टी-टियर सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख मिलिट्री करेगी, जिसमें रेंजर्स जैसी पैरामिलिट्री फोर्स और इस्लामाबाद तथा पंजाब पुलिस शामिल होगी।
पुलिस बल की तैनाती
करीब 6,000 कैपिटल पुलिस, 900 फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी और 3,000 पंजाब कॉन्स्टेबुलरी के जवान, रेंजर्स और पाकिस्तान आर्मी के सैनिकों के साथ ड्यूटी करेंगे।
सुरक्षा जोन की निगरानी
सेना और रेंजर्स रेड जोन और उच्च सुरक्षा क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, जबकि क्विक रिस्पॉन्स फोर्स की टुकड़ियाँ भी विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई हैं।
