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अमेरिका-नाइजीरिया की संयुक्त कार्रवाई में आईएसआईएस का प्रमुख कमांडर मारा गया

अमेरिका और नाइजीरिया की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में इस्लामिक स्टेट का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर, अबु बिलाल अल मिनुकी, मारा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे एक जटिल मिशन बताया और कहा कि इससे आईएसआईएस के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। जानें इस कार्रवाई के पीछे की कहानी और नाइजीरिया में आतंकवाद की स्थिति के बारे में।
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अमेरिका-नाइजीरिया की संयुक्त कार्रवाई में आईएसआईएस का प्रमुख कमांडर मारा गया

आईएसआईएस के कमांडर का खात्मा

एक महत्वपूर्ण आतंकवादी नेता का अंत हुआ है। अमेरिका और नाइजीरिया की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में इस्लामिक स्टेट का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर, अबु बिलाल अल मिनुकी, मारा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक जटिल और गुप्त सैन्य मिशन था, जिसे उनके निर्देश पर अंजाम दिया गया।


राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी और नाइजीरियाई सेनाओं ने मिलकर अल मिनुकी को समाप्त कर दिया, जो अफ्रीका में छिपा हुआ था। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई से आईएसआईएस के वैश्विक नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है।


सैन्य सहयोग का महत्व

अमेरिकी राष्ट्रपति ने नाइजीरिया सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि दोनों देशों के सहयोग से यह अभियान सफल हुआ। हाल के महीनों में अमेरिका ने नाइजीरिया में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाई है। फरवरी में, अमेरिकी सैनिकों को नाइजीरियाई सुरक्षा बलों को सलाह देने के लिए भेजा गया था, ताकि आतंकवाद और विद्रोह से निपटा जा सके।


अल मिनुकी का आतंकवादी इतिहास

अल मिनुकी को जून 2023 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था। अमेरिकी विदेश विभाग ने उसे कई अन्य नामों से भी पहचाना। वह नाइजीरिया के बोर्नो प्रांत में 1982 में जन्मा था और लंबे समय से आईएसआईएस से जुड़े पश्चिम अफ्रीकी नेटवर्क में सक्रिय था।


वर्ष 2018 में आईएसडब्ल्यूएपी के प्रमुख की हत्या के बाद, अल मिनुकी ने क्षेत्रीय नेतृत्व में तेजी से उभरना शुरू किया। उसे संगठन का एक प्रभावशाली चेहरा माना जाता था।


क्षेत्रीय सुरक्षा संकट

नाइजीरिया पिछले दो दशकों से गंभीर सुरक्षा संकट का सामना कर रहा है। उत्तरी क्षेत्रों में आतंकवादी हिंसा लगातार जारी है। आईएसआईएस से जुड़े दो प्रमुख संगठन, आईएसडब्ल्यूएपी और लाकुरावा, सक्रिय हैं।


हालांकि ट्रंप ने नाइजीरिया में ईसाई समुदाय पर अत्याचारों का आरोप लगाया था, इस बार उनका ध्यान आतंकवाद विरोधी अभियान पर केंद्रित रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि अल मिनुकी की मौत आईएसआईएस के अफ्रीकी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका हो सकती है, लेकिन क्षेत्र में आतंकवादी संगठनों की जड़ें अब भी मजबूत हैं।