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अमेरिका ने 60 देशों के खिलाफ व्यापार जांच की शुरुआत की

अमेरिका ने 60 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ 'सेक्शन 301' के तहत एक महत्वपूर्ण व्यापार जांच की शुरुआत की है। यह कदम उन देशों पर दबाव डालने के लिए उठाया गया है जो अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने में असफल रहे हैं। जांच का उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि क्या विदेशी सरकारें इन प्रथाओं के खिलाफ पर्याप्त कदम उठा रही हैं। इस प्रक्रिया में भारत, यूरोपीय संघ, और चीन जैसे देश शामिल हैं। जानें इस जांच के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभाव।
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अमेरिका ने 60 देशों के खिलाफ व्यापार जांच की शुरुआत की

अमेरिका की ऐतिहासिक व्यापार जांच


नई दिल्ली: वाशिंगटन में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने 60 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ 'सेक्शन 301' के तहत जांच की घोषणा की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में यह कदम उन देशों पर दबाव डालने के लिए उठाया गया है जो अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने में असफल रहे हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा वैश्विक शुल्कों को अवैध घोषित किए जाने के बाद, प्रशासन अब नए तरीकों से टैरिफ दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।


जांच का उद्देश्य

USTR जैमिसन ग्रीर ने बताया कि यह जांच यह निर्धारित करेगी कि क्या विदेशी सरकारों ने अनुचित व्यापार प्रथाओं से बने सामानों के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं। प्रशासन का मानना है कि इन घृणित प्रथाओं की समाप्ति में विफलता अमेरिकी श्रमिकों और व्यवसायों को सीधे प्रभावित करती है। यह जांच मानवाधिकारों के संरक्षण के साथ-साथ वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


निशाने पर 60 अर्थव्यवस्थाएं

इस सूची में अमेरिका के कई प्रमुख व्यापारिक साझेदार और सहयोगी देशों को शामिल किया गया है। भारत, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, इजरायल, कतर और सऊदी अरब जैसे देशों को भी इस जांच में शामिल किया गया है। इसके अलावा, चीन और रूस भी इस सूची का हिस्सा हैं।


चीन और शिनजियांग का मामला

अमेरिका पहले ही 'उइगर मजबूर श्रम रोकथाम अधिनियम' (UFLPA) के तहत चीन के शिनजियांग क्षेत्र से सोलर पैनल और अन्य वस्तुओं पर कार्रवाई कर चुका है। अमेरिकी सरकार का आरोप है कि चीन ने उइगरों और अन्य मुस्लिम समूहों के लिए श्रम शिविर स्थापित किए हैं, जबकि बीजिंग इन आरोपों को नकारता रहा है। USTR ग्रीर ने अन्य देशों से भी अनुचित व्यापार प्रथाओं पर प्रतिबंध लगाने वाले कानूनों को कड़ाई से लागू करने की अपील की है।


टैरिफ और सुप्रीम कोर्ट का फैसला

यह प्रक्रिया तब शुरू हुई जब 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को अवैध करार दिया। इसके जवाब में, ट्रंप ने 150 दिनों के लिए 10% का अस्थायी शुल्क लगाया है। प्रशासन व्यापारिक साझेदारों की औद्योगिक क्षमता की भी जांच कर रहा है। USTR का लक्ष्य जुलाई में अस्थायी टैरिफ की समाप्ति से पहले इस जांच को पूरा कर उचित समाधान और उपचार प्रस्तावित करना है।