अमेरिकी संसद में ईरान युद्ध पर हंगामा, पूर्व मरीन सैनिक का हाथ टूटा
संसद में हंगामे का दृश्य
अमेरिकी संसद में आर्ड फोर्स से संबंधित सुनवाई के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब सांसद टिम शीही ने प्रदर्शन कर रहे पूर्व मरीन सैनिक ब्रायन मैकगिनिस को बैठक से बाहर निकालने का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें जबरन बाहर निकालने की कोशिश की, जिसके चलते ब्रायन का हाथ टूट गया। ब्रायन ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध के फैसले का विरोध कर रहे थे। सुनवाई के दौरान उन्होंने अचानक चिल्लाते हुए कहा, 'अमेरिका इस्राइल के लिए यह युद्ध नहीं लड़ना चाहता।' इसके बाद पुलिस ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की, जिसमें टिम शीही भी शामिल हो गए। इस दौरान ब्रायन ने दरवाजे को पकड़ रखा था और नारे लगाते रहे, जिससे उनका हाथ फंस गया और टूट गया।
प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव का खारिज होना
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ईरान पर हमलों को रोकने के लिए लाए गए युद्ध शक्तियों से संबंधित प्रस्ताव को बृहस्पतिवार को बहुत कम अंतर से खारिज कर दिया। यह मतों का अंतर संसद में बढ़ती असहजता का संकेत है, क्योंकि यह युद्ध अमेरिका की घरेलू और वैश्विक प्राथमिकताओं को प्रभावित कर रहा है। यह पिछले कुछ दिनों में दूसरा प्रस्ताव है जो असफल हुआ है। इससे पहले सीनेट ने भी एक समान प्रस्ताव को खारिज किया था। सांसदों को जान-माल के नुकसान, भारी खर्च और अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों की परीक्षा जैसी चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधि सभा में यह प्रस्ताव 212 के मुकाबले 219 मतों से खारिज हुआ, जिससे अमेरिका-इजराइल सैन्य अभियान के समर्थन और विरोध की स्थिति स्पष्ट हो गई।
डेमोक्रेट सांसदों की प्रतिक्रिया
विदेश मामलों की समिति में शीर्ष डेमोक्रेट सांसद ग्रेगोरी मीक्स ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप कोई राजा नहीं हैं और यदि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ युद्ध राष्ट्रीय हित में है, तो उन्हें संसद के सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। वहीं, सदन के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने चेतावनी दी कि जब अमेरिकी सेना पहले से संघर्ष में शामिल है, तब राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करना खतरनाक हो सकता है। अधिकांश रिपब्लिकन नेता ट्रंप के साथ खड़े हैं, जबकि ज्यादातर डेमोक्रेट इस युद्ध का विरोध कर रहे हैं। कुछ रिपब्लिकन नेताओं का मानना है कि यह संघर्ष नए युद्ध की शुरुआत के बजाय ईरानी शासन का अंत कर सकता है।
युद्ध की संभावित अवधि
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि यह युद्ध लगभग आठ सप्ताह तक चल सकता है, जो राष्ट्रपति के प्रारंभिक अनुमान से दोगुना है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को नष्ट करना है, जो उसके परमाणु कार्यक्रम की सुरक्षा करती है।
