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असम, केरल और पुडुचेरी चुनावों के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त

असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। मतदान नौ अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी। केरल में वाम मोर्चा लगातार तीसरी बार जीतने की कोशिश कर रहा है, जबकि असम में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी में है। कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की है और केरल में भाजपा अध्यक्ष की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है। जानें इन चुनावों की पूरी जानकारी और प्रमुख दलों की स्थिति के बारे में।
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असम, केरल और पुडुचेरी चुनावों के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त

चुनावों की तैयारी में तेजी

नई दिल्ली। असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया सोमवार, 23 मार्च को समाप्त हो गई। असम की 126 और केरल की 140 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में नौ अप्रैल को मतदान होगा। इसी दिन केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर भी वोटिंग होगी। तीनों राज्यों में मतगणना चार मई को की जाएगी, जिसके बाद नतीजों का इंतजार लगभग एक महीने तक करना होगा। तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल को और पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को होगा।


केरल में, पिनरायी विजयन के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार लगातार तीसरी बार जीतने के लिए चुनावी मैदान में है। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ उन्हें चुनौती दे रहा है। असम में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस का नेतृत्व गौरव गोगोई कर रहे हैं, जिन्होंने कम्युनिस्ट पार्टियों और तीन स्थानीय दलों के साथ गठबंधन किया है। पुडुचेरी में एन रंगास्वामी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है, जहां भाजपा 10 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।


तमिलनाडु में, फिल्म स्टार विजय की पार्टी टीवीके ने पुडुचेरी की सभी 30 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। एनआर कांग्रेस और डीएमके के बीच मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।


इस बीच, असम में नामांकन की प्रक्रिया समाप्त होने से पहले कांग्रेस ने सात उम्मीदवारों की सूची जारी की है। कांग्रेस पहले से ही 101 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। वहीं, केरल में कांग्रेस ने चुनाव आयोग से भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि चंद्रशेखर का बेंगलुरु के कोरमंगला में 49 हजार स्क्वॉयर फीट का बंगला है, जिसकी कीमत लगभग दो सौ करोड़ रुपए है। कांग्रेस का कहना है कि राजीव चंद्रशेखर ने अपने हलफनामे में इस संपत्ति का विवरण नहीं दिया है।