असम चुनाव में कांग्रेस की हार: मुस्लिम वोटों का संकट
कांग्रेस की असम में बुरी स्थिति
कांग्रेस पार्टी असम विधानसभा चुनाव में बेहद खराब प्रदर्शन किया है, जहां उसे केवल 19 सीटें मिलीं, जिनमें से 18 मुस्लिम उम्मीदवार हैं। पार्टी को चिंता है कि इस हार से एक नकारात्मक नैरेटिव बनेगा, जो भविष्य के चुनावों में उसके लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है। मुस्लिम समुदाय का वोट अब अन्य मुस्लिम पार्टियों की ओर जा सकता है, जैसे बदरूद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ और असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया एमआईएम। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अजमल की पार्टी को नजरअंदाज किया था। इस बार, कांग्रेस ने दो जातीय पार्टियों के साथ गठबंधन किया था, लेकिन वे भी कांग्रेस के प्रति नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।
अखिल गोगोई की नाराजगी
रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई ने कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उनकी पार्टी ने इस बार दो सीटें जीती हैं, लेकिन गोगोई ने कहा कि चुनाव के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की अनुपस्थिति खली थी। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस में निर्णय लेने की प्रक्रिया में कोई स्पष्टता नहीं थी, जो पार्टी की पुरानी समस्या है। कांग्रेस के अन्य सहयोगी, असम जातीयता परिषद के नेता लुरिनजोत गोगोई, भी चुनावी प्रचार और रणनीति से असंतुष्ट हैं। हालांकि, कांग्रेस ने गौरव गोगोई को नेता बनाया था, जो विधानसभा चुनाव हार गए हैं और अब वे दिल्ली की राजनीति में सक्रिय रहेंगे।
