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असम विधानसभा चुनाव 2024: कांग्रेस को सुरेन दायमारी के इस्तीफे से बड़ा झटका

असम विधानसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है जब सुरेन दायमारी ने न केवल अपनी उम्मीदवारी वापस ली, बल्कि पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया। दायमारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनके साथ विश्वासघात किया और चुनाव प्रचार में कोई सहयोग नहीं किया। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस की स्थिति को और कमजोर कर दिया है, खासकर जब उदलगुरी सीट पर भाजपा का कोई उम्मीदवार नहीं है। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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असम विधानसभा चुनाव 2024: कांग्रेस को सुरेन दायमारी के इस्तीफे से बड़ा झटका

सुरेन दायमारी का इस्तीफा

असम विधानसभा चुनाव 2024: जैसे ही असम में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई, कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा झटका लगा। मतदान शुरू होने से कुछ घंटे पहले, उदलगुरी सीट से पार्टी के उम्मीदवार सुरेन दायमारी ने न केवल अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली, बल्कि कांग्रेस से इस्तीफा देने का भी ऐलान किया। दायमारी ने मीडिया के सामने कहा कि वह कांग्रेस छोड़ रहे हैं और चुनाव में भाग नहीं लेंगे। हालांकि, चुनावी नियमों के कारण उनका नाम ईवीएम से हटाया नहीं जा सका है। एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने बताया कि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि पहले ही समाप्त हो चुकी थी, इसलिए मतदाता अब भी ईवीएम पर उनका नाम देखकर वोट डाल सकते हैं।


कांग्रेस की स्थिति पर असर

कांग्रेस की बढ़ी मुश्किलें, सियासी बयानबाजी तेज: इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के उस बयान की चर्चा भी तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस के कई उम्मीदवार उनके प्रभाव में तय होंगे। अब दायमारी के पार्टी छोड़ने के बाद इस बयान को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि दायमारी ने मीडिया में इस्तीफे की बात कही है, लेकिन पार्टी को औपचारिक रूप से कोई इस्तीफा नहीं मिला है।


दायमारी के आरोप

‘कांग्रेस में रहने का कोई फायदा नहीं’- दायमारी: सुरेन दायमारी ने पार्टी छोड़ने के पीछे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनके साथ विश्वासघात किया और पार्टी में रहने का कोई लाभ नहीं है। दायमारी के अनुसार, पार्टी ने उनके चुनाव प्रचार में कोई मदद नहीं की और बड़े नेताओं ने उनकी बात नहीं सुनी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जनजातीय समाज के लिए काम नहीं किया और उनकी अनदेखी की।


उम्मीदवार का प्रोफाइल

उम्मीदवार का प्रोफाइल: हाल ही में जॉइन की थी कांग्रेस: 73 वर्षीय सुरेन दायमारी एक पूर्व सरकारी कर्मचारी हैं। उन्होंने जनवरी में कांग्रेस जॉइन की थी। उनका कहना है कि उदलगुरी सीट पर कांग्रेस पहले से कमजोर रही है, फिर भी उन्होंने पार्टी को मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन संगठन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने खुद टिकट की मांग नहीं की थी, फिर भी पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया लेकिन बाद में उनका साथ नहीं दिया।


उदलगुरी सीट पर मुकाबला

उदलगुरी सीट पर मुकाबला: इस बार उदलगुरी सीट पर भाजपा मैदान में नहीं है। यहां मुख्य मुकाबला बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी के बीच माना जा रहा है। दायमारी के हटने से कांग्रेस की स्थिति और कमजोर हो सकती है।


EVM में नाम बना रहेगा

EVM में बना रहेगा नाम: चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद उम्मीदवार के हटने की स्थिति में उसका नाम ईवीएम से नहीं हटाया जा सकता। इस प्रकार, मतदान के दौरान मतदाता अब भी सुरेन दायमारी के नाम पर वोट डाल सकेंगे, भले ही उन्होंने चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया हो।