आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को हटाकर अशोक मित्तल को दी नई जिम्मेदारी
राज्यसभा में संगठनात्मक बदलाव
नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण परिवर्तन करते हुए राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता के पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब पंजाब से सांसद अशोक कुमार मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने इस निर्णय की जानकारी राज्यसभा सचिवालय को एक औपचारिक पत्र के माध्यम से भेज दी है।
राघव चड्ढा की स्थिति
सूत्रों के अनुसार, पत्र में यह भी निर्देशित किया गया है कि राघव चड्ढा को उच्च सदन में बोलने के लिए पार्टी के निर्धारित समय का कोटा न दिया जाए। वर्तमान में, आम आदमी पार्टी के पास राज्यसभा में कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से 7 पंजाब और 3 दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हैं।
राजनीतिक चर्चाएं
हाल के दिनों में राघव चड्ढा की भाजपा के साथ कथित नजदीकियों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि, AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि चड्ढा के भाजपा में शामिल होने की कोई संभावना नहीं है।
सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी
दिल्ली आबकारी नीति मामले में पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल की रिहाई के बाद राघव चड्ढा की सार्वजनिक गतिविधियों में कमी ने कई सवाल खड़े किए। इस पर उनकी ओर से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आई, जिससे अटकलों को और बल मिला। संजय सिंह ने माना कि चड्ढा की सार्वजनिक सक्रियता हाल के महीनों में कम हुई है, लेकिन इसके कारणों पर उन्होंने टिप्पणी करने से परहेज किया।
अशोक कुमार मित्तल का परिचय
अशोक कुमार मित्तल जालंधर, पंजाब से हैं और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक चांसलर हैं। व्यवसायी से राजनेता बने मित्तल ने 2022 में AAP के टिकट पर राज्यसभा में प्रवेश किया। वे शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सदन में सक्रिय रूप से अपनी बात रखते रहे हैं।
