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आम आदमी पार्टी में उथल-पुथल: 7 राज्यसभा सांसदों का पार्टी छोड़ना

आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ने से राजनीतिक हलचल मच गई है। इस घटनाक्रम ने पार्टी के आंतरिक विवादों को उजागर किया है। अन्ना हजारे ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने पार्टी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए हैं। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की वजहें और पार्टी में चल रही हलचल के बारे में।
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आम आदमी पार्टी में उथल-पुथल: 7 राज्यसभा सांसदों का पार्टी छोड़ना

राजनीतिक संकट का सामना कर रही AAP


नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसदों के सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ने से राजनीतिक हलचल मच गई है। इस घटनाक्रम ने पार्टी के आंतरिक विवादों को उजागर कर दिया है। अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम इस अप्रत्याशित झटके से चौंकी हुई है। इस संदर्भ में समाजसेवी अन्ना हजारे का भी बयान आया है। उल्लेखनीय है कि अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से AAP की नींव रखी गई थी, लेकिन वे हमेशा से राजनीतिक दल बनाने के खिलाफ रहे हैं।


अन्ना हजारे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने और अपनी पसंद के अनुसार किसी भी पार्टी में शामिल होने या उसे छोड़ने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि राघव चड्ढा और अन्य नेताओं को कोई समस्या जरूर हुई होगी, तभी उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।
हजारे ने स्पष्ट किया कि यह AAP की नेतृत्व क्षमता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “यदि पार्टी सही दिशा में चल रही होती, तो ये लोग बाहर नहीं जाते। निश्चित रूप से कोई गंभीर समस्या रही होगी, तभी इतने बड़े स्तर पर लोग पार्टी से अलग हुए हैं।”


इस घटनाक्रम के बाद पार्टी में हलचल तेज हो गई है। वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती ने सोशल मीडिया पर संदीप पाठक से सवाल किया कि उन्होंने ऐसा निर्णय क्यों लिया। उन्होंने लिखा कि आप भाजपा को देश के लिए खतरा बताते थे, फिर उसी का हिस्सा बनने का निर्णय क्यों लिया। वहीं, मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार रात अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि इस दौरान दोनों नेताओं ने पार्टी में आई इस बड़ी दरार और उसके राजनीतिक प्रभाव पर चर्चा की। सिसोदिया उस समय राजकोट में गुजरात निकाय चुनाव के प्रचार में व्यस्त थे, लेकिन दिल्ली में हालात बिगड़ते देख तुरंत लौट आए।


सूत्रों के अनुसार, AAP अब राज्यसभा चेयरमैन से दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की मांग कर सकती है। पार्टी का कहना है कि केवल तीन नेताओं ने औपचारिक रूप से पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है, इसलिए वे बहुमत में नहीं हैं और उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। बताया जा रहा है कि राज्यसभा में पार्टी के चीफ व्हिप एन.डी गुप्ता की ओर से चेयरमैन को पत्र लिखा जाएगा, जिसमें राघव चड्डा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।