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आरबीआई की नई योजना: ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षा के लिए ई-मैंडेट

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत ई-मैंडेट की नई दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं, जो ग्राहकों को ऑटो डेबिट से पहले सूचित करेंगे। ग्राहक अब अपने ई-मैंडेट को कभी भी बदल या रद्द कर सकते हैं, जिससे उन्हें अपने वित्त पर अधिक नियंत्रण मिलेगा। जानें इस योजना के अन्य लाभ और दिशा-निर्देश।
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आरबीआई की नई योजना: ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षा के लिए ई-मैंडेट

उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान


आरबीआई की नई पहल से उपभोक्ताओं को मिलेगी सुरक्षा


भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत ई-मैंडेट की नई दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। इसके तहत, ऑटो डेबिट से पहले ग्राहकों को 24 घंटे पहले सूचित किया जाएगा कि उनका पैसा किस कंपनी को जाएगा, कब और कितनी राशि कटेगी। इसके साथ ही, संदर्भ संख्या भी प्रदान की जाएगी, जिससे ग्राहक किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सकें। ग्राहक चाहें तो इस अवधि में भुगतान को रोकने का विकल्प भी रखेंगे। हालांकि, फास्टैग ऑटो रिचार्ज के मामलों में यह पूर्व सूचना आवश्यक नहीं होगी.


बैंकों को देना होगा अलर्ट

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, ऑटो डेबिट से पहले संबंधित बैंक या कार्ड जारी करने वाले वित्तीय संस्थानों को ग्राहक को सूचित करना होगा। ये नियम सभी प्रकार के ऑटो भुगतान जैसे ओटीटी सब्सक्रिप्शन, बीमा प्रीमियम, बिल भुगतान, एसआईपी और ईएमआई पर लागू होंगे, जो कार्ड, यूपीआई या प्रीपेड माध्यमों से किए जाते हैं। आरबीआई ने डिजिटल पेमेंट्स-ई-मैंडेट फ्रेमवर्क, 2026 को जारी किया है ताकि ऑटो डेबिट को सुरक्षित और सरल बनाया जा सके।


ग्राहकों के लिए नई सुविधाएं

ग्राहक अब कभी भी अपने ई-मैंडेट को बदल या रद्द कर सकते हैं, जिससे उन्हें अपने खाते से कटने वाली राशि पर अधिक नियंत्रण मिलेगा। यदि किसी ने ऑटो डेबिट चालू किया है और उसे बंद करना चाहते हैं, तो वे ई-मैंडेट को रद्द या बदल सकते हैं। इसके अलावा, डेबिट या क्रेडिट कार्ड के एक्सपायर होने पर ग्राहकों को बार-बार बैंक जाने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि बैंक पुराने कार्ड के सभी भुगतान निर्देशों को नए कार्ड पर ट्रांसफर कर देंगे। आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि ई-मैंडेट सुविधा के लिए ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।