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इजराइल का बेरूत पर हमला: युद्धविराम के बाद की पहली कार्रवाई

इजराइल ने 17 अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा के बाद बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला किया, जिसमें हिजबुल्ला के एक कमांडर को निशाना बनाया गया। यह हमला रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह युद्धविराम के बाद का पहला बड़ा हमला है। जानें इस हमले के पीछे की वजहें और इसके संभावित परिणाम।
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इजराइल का बेरूत पर हमला: युद्धविराम के बाद की पहली कार्रवाई

इजराइल और हिजबुल्ला के बीच तनाव बढ़ा

17 अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा के बाद, बुधवार को इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर पहली बार हमला किया। इजरायली सेना ने इन क्षेत्रों में बमबारी की और दावा किया कि उन्होंने हिज़्बुल्लाह की रिज़वान फ़ोर्स के कमांडर मालेक बालू को मार गिराया है। इससे पहले, 8 अप्रैल को बेरूत में हुए हमलों में 350 से अधिक लोग मारे गए थे।


प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बताया कि इस हमले में हिजबुल्ला के रादवान बल के एक कमांडर को निशाना बनाया गया। हालांकि, हिजबुल्ला ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।


हमले का विवरण: 'घोबेरी' में भारी तबाही

लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमानों ने बेरूत के दक्षिणी हिस्से में 'घोबेरी' क्षेत्र को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज़ पूरी राजधानी में सुनाई दी और हमले वाली जगह से भारी धुएं का गुबार उठता देखा गया।


नेतन्याहू का बयान: "किसी भी आतंकवादी को छूट नहीं मिलेगी"

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस हमले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन उनके और रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ के निर्देशों पर किया गया। नेतन्याहू ने टेलीग्राम पर लिखा, "रिज़वान के आतंकवादी इज़रायली बस्तियों पर गोलीबारी के लिए जिम्मेदार हैं। इज़रायल का लंबा हाथ हर दुश्मन को पकड़ लेगा। हमने उत्तर के निवासियों को सुरक्षा देने का वादा किया था और हम उसे निभा रहे हैं।"


युद्धविराम के बाद बेरूत पर पहला हमला

यह हमला रणनीतिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि:


समझौते का उल्लंघन: 17 अप्रैल को इज़रायल-हिज़्बुल्लाह के बीच हुए युद्धविराम के बाद यह बेरूत पर किया गया पहला बड़ा हमला है।


अलिखित समझौता टूटा: विश्लेषकों का मानना था कि बेरूत को निशाना न बनाने का एक अलिखित समझौता था, लेकिन इज़रायल ने 'राष्ट्रीय सुरक्षा' का हवाला देकर इसे तोड़ दिया है।


आम नागरिकों की वापसी: युद्धविराम के बाद कई लेबनानी नागरिक अपने घरों को लौट आए थे। हमले के समय सड़कें लोगों से भरी हुई थीं, जिससे जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ गया है।


हमले की स्थिति

युद्धविराम के बावजूद, इजरायली सेना ने लेबनान के दक्षिण और पूर्व में हमले जारी रखे हैं, जिसमें बुधवार को कम से कम 13 लोग मारे गए। लेबनान की पूर्वी बेका घाटी में इजरायल के एक हमले में चार लोग मारे गए। इजरायली सेना ने कहा कि उसने दक्षिण में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया। इससे पहले, उसने एक दर्जन कस्बों के निवासियों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी।


लेबनान में इजराइली हमलों में 2 मार्च से अब तक 2,700 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें 17 अप्रैल को हुए संघर्ष-विराम के बाद मारे गए लोग भी शामिल हैं। इजरायली सेना का कहना है कि इस लड़ाई में उसके 17 सैनिक और एक नागरिक ठेकेदार भी मारे गए हैं।