इजराइल की सेना में जवानों की कमी, सुरक्षा संकट गहरा
इजराइल की सेना प्रमुख ने जवानों की कमी को लेकर गंभीर चेतावनी दी है, जिससे सेना के ढहने का खतरा बढ़ गया है। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट मीटिंग में 10 खतरों की पहचान की गई है, जिसमें मिशन पर तैनात सैनिकों पर बढ़ता बोझ और भर्ती में असमानता शामिल हैं। विपक्ष ने अनिवार्य सैन्य सेवा कानून को तुरंत लागू करने की मांग की है, जबकि हरेदी यहूदियों की सेना में अनुपस्थिति इस संकट को और बढ़ा रही है। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और इजराइल की सुरक्षा पर इसके प्रभाव।
| Mar 28, 2026, 20:20 IST
इजराइल के सेना प्रमुख का चेतावनी
ईरान के साथ संघर्ष, लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले और गाजा में हमास के खिलाफ लड़ाई के बीच, इजराइल के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने चेतावनी दी है कि यदि जवानों की कमी का समाधान नहीं किया गया, तो इजराइली सेना आंतरिक रूप से 'ढह' सकती है। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट मीटिंग में जनरल जमीर ने 10 प्रमुख खतरों का उल्लेख किया। यरूशलम पोस्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि यदि मैनपावर की कमी का समाधान नहीं निकला, तो सेना का पतन हो सकता है। आईडीएफ के सूत्रों ने बताया कि युद्ध जारी है, लेकिन इजराइल को शांति के समय गाजा, लेबनान, सीरिया और वेस्ट बैंक के सीमाओं पर सैनिकों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि सरकार सैनिकों की भर्ती नहीं करती है, तो कई क्षेत्रों में सैनिकों की भारी कमी हो जाएगी। इसके अलावा, हरेदी यहूदियों को सेना में शामिल करने के लिए अभी तक कोई ठोस कानून नहीं लाया गया है।
सेना के सामने खतरों की सूची
इजरायली सेना के प्रमुख ने जिन खतरों की पहचान की है, उनमें जवानों की कमी, मिशन पर तैनात सैनिकों पर बढ़ता बोझ, थकान, अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव, हथियारों की आपूर्ति में कमी का जोखिम, अग्रिम मोर्चों पर अनुभवी कमांडरों की कमी, भर्ती में असमानता, प्रशिक्षण में गिरावट और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे शामिल हैं। यदि इन खतरों का समाधान नहीं किया गया, तो सेना का ढहना निश्चित है। हरेदी यहूदियों को अल्ट्रा ऑर्थोडॉक्स यहूदी कहा जाता है, जो विशेष छूट के तहत मिलिट्री सर्विस से मुक्त हो सकते हैं। वर्तमान में, इजराइल गाजा, लेबनान, सीरिया और वेस्ट बैंक के मोर्चों पर युद्ध कर रहा है। हरेदी यहूदियों की सेना में अनुपस्थिति के कारण भी सेना में कमी आई है। इस मुद्दे पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि युद्ध के कारण भर्ती से जुड़े बिल को स्थगित कर दिया गया है, क्योंकि इससे देश की एकता पर खतरा पड़ सकता है।
विपक्ष का सरकार पर हमला
विपक्ष ने कहा, बिना देरी लागू हो अनिवार्य सैन्य सेवा कानून
सेना के संकट के सामने आने के बाद, इजराइल के विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि जवानों की संख्या बढ़ाने के लिए तुरंत इमरजेंसी बैठक बुलानी चाहिए। विपक्षी नेता यायर लैपिड ने कहा कि अनिवार्य सैन्य सेवा कानून को तुरंत लागू किया जाना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, सैनिकों की कमी का एक बड़ा कारण यह भी है कि हरेदी समुदाय ने सेना में शामिल होने का विरोध किया है, जिसके कारण अनिवार्य सैन्य सेवा कानून पर पेंच फंसा हुआ है। हरेदी समुदाय अपने समय का अधिकांश भाग पवित्र यहूदी ग्रंथों की पढ़ाई में व्यतीत करता है और इन्हें सेना में शामिल होने से छूट प्राप्त है।
