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इजराइल ने पहलगाम हमले के बाद हिंदुओं के प्रति दिखाई संवेदना

पाकिस्तान द्वारा कश्मीर में 26 हिंदुओं की हत्या के एक साल बाद, इजराइल ने इस घटना को याद करते हुए भारत के प्रति समर्थन जताया। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले के तुरंत बाद भारत के साथ खड़े रहने की बात कही। इस लेख में जानें कि कैसे इजराइल ने आतंकियों को 'इस्लामिक आतंकवादी' कहा और अन्य देशों की प्रतिक्रियाएँ क्या थीं।
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इजराइल ने पहलगाम हमले के बाद हिंदुओं के प्रति दिखाई संवेदना

पाकिस्तान के हमले की याद दिलाता इजराइल का समर्थन

एक वर्ष पहले, पाकिस्तान ने कश्मीर में 26 हिंदुओं की हत्या की थी। इस घटना के एक साल बाद, इजराइल पहला देश बना जिसने इस हमले में मारे गए निर्दोष हिंदुओं को याद किया। इजराइल ने एक साल पहले भी इस हमले के तुरंत बाद भारत के प्रति एक ऐसा बयान दिया था, जिसे अन्य देशों ने कहने की हिम्मत नहीं दिखाई थी।


इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उस दिन ट्वीट किया था, जो साहस का प्रतीक था। संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन के लिए नियुक्त विशेष दूत फ्रांसिस्का एल्बनीज ने भारत के इजराइल के समर्थन पर सवाल उठाया है, जो कि भारत में कुछ वामपंथियों और कट्टरपंथियों द्वारा भी उठाया जाता है।


जब ईरान पर हमला हुआ, तो कुछ भारतीयों ने शोक मनाया, लेकिन पहलगाम हमले के बाद कुछ कश्मीरियों ने अपने व्यवसाय की चिंता में मोमबत्तियाँ जलाकर दिखावा किया।


नेतन्याहू का भारत के प्रति समर्थन

जिस रात पहलगाम में हमला हुआ, उसी रात नेतन्याहू ने पीएम मोदी से फोन पर बात की। इस बातचीत के दौरान इजरायली विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच कोई संघर्ष होता है, तो इजराइल बिना किसी हिचकिचाहट के भारत का समर्थन करेगा।


नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह और इजराइल इस्लामिक आतंकियों के हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने आतंकियों को इस्लामिक आतंकवादी कहा, जबकि भारत में कुछ लोग उन्हें 'शूटर' या 'मिलिटेंट' कह रहे थे।


यह ध्यान देने योग्य है कि पहलगाम में आतंकियों ने हिंदुओं की पहचान करने के लिए उनकी पेंट उतरवाई। फिर भी, नेतन्याहू ने आतंकियों को इस्लामिक आतंकवादी कहने का साहस दिखाया।


इजराइल का स्पष्ट समर्थन

जब अन्य देश अपने बयानों को सोच-समझकर दे रहे थे, इजराइल ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह भारत के साथ खड़ा रहेगा। इजराइल ने ऑपरेशन सिंदूर से पहले यह समर्थन दिया, जिसमें उसने भारत की मदद की।


फ्रांसिस्का एल्बनीज को यह जानना चाहिए कि पहलगाम हमले के बाद फिलिस्तीन सरकार ने क्या प्रतिक्रिया दी थी, जब आतंकियों ने हिंदुओं को निशाना बनाया।