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इमरान खान की न्यायपालिका से राहत की अपील, स्वास्थ्य पर चिंता

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर न्यायपालिका से राहत की अपील की है। उनकी गिरती सेहत और लंबे समय से चल रही एकांत कैद के कारण उनके वकील ने मानवीय आधार पर रिहाई की मांग की है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई में खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ 19 करोड़ पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में सजा के खिलाफ अपील की जा रही है। इस मामले में कई जटिलताएँ हैं, जिसमें स्वास्थ्य चिंताएँ और राजनीतिक आरोप शामिल हैं। क्या इमरान खान को न्याय मिलेगा? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
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इमरान खान की न्यायपालिका से राहत की अपील, स्वास्थ्य पर चिंता

इमरान खान की रिहाई की मांग

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, जो पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक हैं, ने एक बार फिर न्यायपालिका से राहत की गुहार लगाई है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (IHC) में गुरुवार को हुई सुनवाई में, खान के वकील ने उनकी बिगड़ती सेहत और लंबे समय से चल रही 'एकांत कैद' का हवाला देते हुए मानवीय आधार पर रिहाई की अपील की।


यह अपील उनके वकील सलमान सफदर द्वारा की गई, जब अदालत खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ 19 करोड़ पाउंड के भ्रष्टाचार मामले में उनकी सज़ा के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।


स्वास्थ्य की चिंताएँ

सलमान सफदर ने अदालत को बताया कि 73 वर्षीय इमरान खान वर्तमान में आंख के संक्रमण से पीड़ित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खान की एकांत कारावास में रहने की स्थिति उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। सफदर ने मुख्य न्यायाधीश सरफराज डोगर और न्यायमूर्ति मुहम्मद आसिफ से अनुरोध किया कि 19 करोड़ पाउंड के भ्रष्टाचार मामले (अल-कादिर ट्रस्ट केस) में उनकी सजा को निलंबित किया जाए।


भ्रष्टाचार मामले का विवरण

यह मामला पाकिस्तान के सबसे प्रमुख भ्रष्टाचार मामलों में से एक है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:


ब्रिटेन से आई राशि: 2019 में ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने पाकिस्तान सरकार को लगभग 190 मिलियन पाउंड (करीब 50 अरब रुपये) लौटाए थे।


आरोप: आरोप है कि इमरान खान की सरकार ने इस राशि को राष्ट्रीय खजाने में जमा करने के बजाय, एक प्रमुख रियल एस्टेट टाइकून की कानूनी देनदारियों को निपटाने के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी।


क्विड प्रो क्वो: जांचकर्ताओं का कहना है कि इसके बदले में इमरान खान और बुशरा बीबी के 'अल-कादिर ट्रस्ट' को विश्वविद्यालय बनाने के नाम पर सैकड़ों कनाल की कीमती जमीन दान में दी गई।


सजा: जनवरी 2025 में जवाबदेही अदालत ने इस मामले में इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की जेल की सजा सुनाई थी।


अदालती कार्यवाही में देरी

गुरुवार को हुई सुनवाई में खान और बुशरा बीबी की सजा के खिलाफ अपील पर बहस शुरू हुई, लेकिन उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली।


सुरक्षा कारणों से देरी: यह सुनवाई पहले 22 अप्रैल को होनी थी, लेकिन इस्लामाबाद के 'रेड जोन' में सुरक्षा पाबंदियों के कारण इसे टालना पड़ा था।


अदालत की सख्ती: इस्लामाबाद हाई कोर्ट पहले ही इस मामले में हो रही देरी पर नाराजगी जता चुका है। अदालत ने मामले को लटकाने के लिए भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी (NAB) के अभियोजकों पर जुर्माना भी लगाया था।


बचाव पक्ष का तर्क: इमरान खान लगातार इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रस्ट एक जनहितकारी संस्था है और इससे उन्हें कोई व्यक्तिगत वित्तीय लाभ नहीं हुआ है।


भविष्य की संभावनाएँ

फिलहाल, इमरान खान और बुशरा बीबी रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। जबकि खान की टीम सजा के निलंबन के लिए जोर दे रही है, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि खंडपीठ दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलों की जांच करने के बाद ही कोई फैसला सुनाएगी। यह मामला पाकिस्तान की राजनीति और न्यायपालिका के बीच चल रहे तनाव का केंद्र बना रहेगा।