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ईरान-इजराइल संघर्ष: तनाव और वार्ता की अनिश्चितता

ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। तेहरान में हवाई हमलों और इजराइल की मिसाइल चेतावनियों के बीच, अमेरिका ने बातचीत की कोशिशें की हैं। लेकिन ईरान की कठोर स्थिति और अमेरिका के प्रति अविश्वास ने वार्ता की संभावनाओं को जटिल बना दिया है। जानें इस संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और आगे की स्थिति क्या हो सकती है।
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ईरान-इजराइल संघर्ष: तनाव और वार्ता की अनिश्चितता

तेहरान में हवाई हमलों का प्रभाव

ईरान पर हुए हवाई हमलों ने राजधानी तेहरान में व्यापक तबाही मचाई है, जबकि ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने इजराइल के तेल अवीव और अन्य पश्चिम एशियाई ठिकानों को भी निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि अमेरिका युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के साथ बातचीत कर रहा है। इस बीच, हजारों अमेरिकी मरीन सैनिक खाड़ी क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं, और दोनों पक्षों के बीच तीव्र हमले जारी हैं। ईरान ने बातचीत से इनकार किया है, जिससे युद्ध की स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। ट्रंप ने ईरान को दी गई समयसीमा को बढ़ा दिया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने पर ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी। इस जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण वैश्विक व्यापार को बाधित कर रहा है और ईंधन की कीमतों में वृद्धि कर रहा है।


इजराइल की मिसाइल चेतावनी

इजराइल रक्षा बलों ने बुधवार को बताया कि उन्होंने ईरान से इजराइल की ओर दागी गई मिसाइलों की पहचान की है। उन्होंने कहा कि खतरे को रोकने के लिए उनकी रक्षा प्रणालियां सक्रिय हैं। कुछ समय बाद, आईडीएफ ने कहा कि लोगों को आश्रय स्थलों से बाहर निकलने की अनुमति है, लेकिन उन्हें सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, आईडीएफ ने तेहरान में बुनियादी ढांचे के लक्ष्यों पर हमले करने की जानकारी दी।


अमेरिकी दूतावास के लिए भूमि आवंटन

इजरायली अधिकारियों ने यरुशलम में अमेरिकी दूतावास के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए भूमि आवंटन की मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस निर्णय को एक महत्वपूर्ण राजनयिक कदम बताया है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा यरुशलम को इजराइल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के बाद उठाया गया है।


ट्रंप का 15 सूत्रीय योजना

वाशिंगटन के बदलते उद्देश्यों को हासिल करना कठिन हो रहा है, खासकर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम के संदर्भ में। यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान सरकार में किसके पास बातचीत करने का अधिकार होगा। ईरान में अमेरिका के प्रति गहरा संशय है, और हाल के हमलों ने वार्ता की संभावनाओं को और भी जटिल बना दिया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष ने अमेरिका के साथ बातचीत की खबर को 'फर्जी' बताया, जबकि विदेश मंत्री ने कई देशों के साथ युद्ध पर चर्चा की है। इस चर्चा के चलते तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन यह राहत अल्पकालिक रही।